‘संभल के विकास को मिली नई गति…’ CM Yogi Adityanath ने 66 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath ने संभल जिले के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संभल जिले के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश के हर जिले में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है और संभल भी अब विकास की नई रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है। बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में महज कुछ ही महीने का समय बच गया है। जिसे देखते हुए CM Yogi Adityanath ने पूरी तरह से कमर कस ली है। साथ ही उनकी तरफ से लगातार जनपदों के विकास के लिए कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी है।

सम्भल के लोगों के लिए CM Yogi Adityanath का बड़ा तोहफा

बता दें कि CM Yogi Adityanath ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “सनातन के पावन तीर्थ, भगवान श्री कल्कि की पुण्य धरा जनपद सम्भल के चंदौसी एवं सम्भल विधान सभा क्षेत्रों में आज ₹569 करोड़ से ​अधिक लागत की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही, चंदौसी में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश एवं मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की भव्य प्रतिमा का अनावरण हुआ।

इस अवसर पर विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, चेक, आवास की चाबी एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित हुए। विरासत और विकास के साथ सम्भल को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारी प्रतिबद्धता है। भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करने के किसी भी दुस्साहस को डबल इंजन सरकार कतई स्वीकार नहीं करेगी। समस्त लाभार्थियों एवं जनपद वासियों को हार्दिक बधाई”।

संबोधन के दौरान क्या बोले CM Yogi Adityanath?

अपने संबोधन के दौरान CM Yogi Adityanath ने कहा कि “हम अधिकारों की बात करते हैं, नारे लगाते हैं। ‘मेरी मांगें पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो।’ लेकिन किसकी कीमत पर? देश की कीमत पर? समाज की कीमत पर?

संस्थानों की कीमत पर? नहीं। नागरिकों के कर्तव्य: नागरिक का कर्तव्य तब होता है जब कोई छात्र अनुशासन में रहकर अपनी शिक्षा पूरी करता है। जब कोई शिक्षक अनुशासित और सभ्य तरीके से अपने छात्र का पाठ्यक्रम समय पर पूरा करता है। तो उन्हें यह मानना ​​चाहिए कि वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। एक शिक्षक के लिए यही सच्ची देशभक्ति है। सिर्फ नारे लगाना नहीं। “

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