CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार राज्य के विकास को बुलेट की रफ्तार से आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लगातार जन कल्याण के हित में फैसले लिए जा रहे हैं। ऐसे में सीएम योगी के नेतृत्व में हाल ही यूपी कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें प्रदेशवासियों की भलाई के लिए कई अहम और जरूरी कदम लिए गए। यूपी की भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए राजकीय विद्यालयों में एक नई पहल शुरू की है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘ड्रीम स्किल लैब्स’ स्थापित करने का लिया निर्णय
दरअसल, यूपी के 150 राजकीय विद्यालयों में ‘ड्रीम स्किल लैब्स’ ‘DREAM (Design, Robotics, Electronics, Additive, Manufacturing) Skill Labs’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट लिमिटेड और माध्यमिक शिक्षा विभाग के बीच एमओए हस्ताक्षरित किए जाने को स्वीकृति दी गई। यूपी सरकार हर जनपद में 2 ड्रीम स्किल लैब्स को स्थापित करेगी। इनकी वजह से विद्यार्थियों को वर्तमान और भविष्य की तकनीकी एवं औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल और व्यक्तित्व विकास तथा तकनीकी शिक्षा में मदद मिलेगी।
यूपी सरकार इन लैब्स के जरिए प्रदेश के छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ना चाहती है। साथ ही स्कूल स्तर पर ही नौकरी पाने वाली स्किल देना चाहती है। वहीं, इससे ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधा देना भी सरकार का प्रमुख उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों में ‘DREAM (Design, Robotics, Electronics, Additive, Manufacturing) Skill Labs’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। pic.twitter.com/zmdJfvCp8f
— Government of UP (@UPGovt) May 4, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में शिक्षा व्यवस्था को किया जा रहा मजबूत
गौरतलब है कि यूपी सरकार ‘ड्रीम स्किल लैब्स’ के जरिए छात्रों को कई तरह की स्किल प्रदान करेगी। इसमें डिजिटल स्किल, रोबोटिक्स, इंजीनियरिंग बेसिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मॉडर्न मशीन लर्निंग के संबंध में ट्रेनिंग दी जाएगी।
वहीं, यूपी सरकार ने स्कूली छात्रों के लिए कई अन्य योजनाओं को भी शुरू किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ऑपरेशन कायाकल्प को स्टार्ट किया गया है। इसमें सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग, टॉयलेट, पानी, बिजली जैसी बेसिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। इस पहल के तहत राज्य के लाखों स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत और अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा गया है।






