---Advertisement---

UP Politics: होली से पहले लखनऊ में आत्मीयता के रंग! कांग्रेस छोड़ नसीमुद्दीन सिद्दीकी साईकिल पर सवार, क्या फिर बिछने लगी गठबंधन की बिसात?

UP Politics: कभी बसपा के कद्दावर नेता रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या यूपी में नई सोशल इंजीनियरिंग के तहत गठबंधन की बिसात बिछने लगी है।

Avatar of Gaurav Dixit

By: Gaurav Dixit

Published: फ़रवरी 16, 2026 11:57 पूर्वाह्न

UP Politics
Follow Us
---Advertisement---

UP Politics: राजधानी लखनऊ में होली से पहले आत्मीयता के रंग उड़ते नजर आ रहे हैं। दल-बदल के तमाम आरोपों के बीच तमाम कद्दावर नेताओं ने बीते कल सपा मुखिया की उपस्थिति में पार्टी का दामन थामा। इसमें सबसे अहम है बसपा सुप्रीमो मायावती के खास रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा के साथ आना। मुस्लिम समुदाय के बीच अच्छी पैठ रखने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस का साथ छोड़ साईकिल की सवारी शुरू कर दी है।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी कभी बहुजन समाज पार्टी यानी बीएसपी के कद्दावर नेता होने के साथ पार्टी सुप्रीमो मायावती के भी खास रहे थे। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने के साथ यूपी पॉलिटिक्स में नई चर्चा छिड़ गई है। क्या यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले गठबंधन की बिसात बिछने लगी है? अखिलेश यादव का पीडीए फॉर्मूला कितना कारगर साबित होगा? ऐसे तमाम सवाल हैं जो यूपी के सियासी गलियारों में उठ रहे हैं। तो आइए ऐसे सभी सवालों का जवाब देने की कोशिश करते हैं।

कांग्रेस छोड़ नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शुरू की साईकिल की सवारी – UP Politics

कभी बसपा के कद्दावर नेता रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी वर्तमान कांग्रेस पार्टी को छोड़ साईकिल की सवारी शुरू कर दी है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने हजारों समर्थकों के साथ अखिलेश यादव की उपस्थिति में समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। 1995 और 2007-2012 वाली बसपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी को मई 2017 में पार्टी से निष्कासित किया गया था। इसके बाद वे फरवरी 2018 में कांग्रेस में शामिल हुए और 2019 लोकसभा का चुनाव लड़ा।

पूर्व मंत्री ने सिद्दीकी को इस चुनाव में बिजनौर से हार मिली। इसके बाद भी वे पार्टी में बने रहे। अंतत: नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 24 जनवरी, 2026 को कांग्रेस छोड़ दिया और बीते कल विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित सपा मुख्यालय में साईकिल की सवारी शुरू करने का ऐलान किया। नसीमुद्दीन सिद्दीकी की मुस्लिम सुमदाय में अच्छी पैठ मानी जाती है। 2007-2012 वाली बसपा सरकार में उनके पास 18 मंत्रालय थे। उन्हें मायावती का खास होने पर ‘मिनी मुख्यमंत्री’ भी कहा जाता था। अब देखना होगा कि सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीका आगे क्या करते हैं।

क्या फिर बिछने लगी गठबंधन की बिसात?

यूपी की विपक्षी दल सपा और बसपा ने दोस्ती के साथ दुश्मनी का दौर भी देखा है। 1990 का सियासी दौर देखने वालों को पता होगा कि कैसे 1993 में मुलायम सिंह यादव और कांशीराम ने मिलकर बीजेपी के विजय रथ को रोका था। हालांकि, 1995 में हुए ‘गेस्ट हाउस कांड’ ने सपा-बसपा के संबंधों में कड़वाहट ला दी और शीर्ष नेतृत्व सियासी दुश्मन हो गए। लंबी अदावत के बाद फिर 2019 लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा एक हुए।इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिला और सपा-बसपा ने मिलकर 15 लोकसभा सीटें जीत लीं।

2014 में शून्य पर सिमटने वाली बसपा को 2019 में 10 सीटें मिली थीं। वहीं सपा 2014 और 2019 में 5-5 सीट जीतने में कामयाब रही थी। ऐसे में जब अखिलेश यादव ‘पीडीए’ का नारा देकर पिछड़ो, दलितों, अल्पसंख्यकों व अन्य सभी समुदाय को जोड़ने का काम कर रहे हैं। तो क्या बसपा और सपा एक बार फिर एक ही बैनर तले चुनाव लड़ते नजर आ सकते हैं। पूर्व सीएम मायावती के खास रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने के बाद ये सवाल तेजी से उठ रहे हैं।

Avatar of Gaurav Dixit

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

CM Bhagwant Mann

जुलाई 15, 2026

Anurag Dhanda

जुलाई 15, 2026

CM Bhagwant Mann

जुलाई 15, 2026

CM Yogi Adityanath

जुलाई 15, 2026

CM Bhagwant Mann

जुलाई 15, 2026

CM Yogi Adityanath

जुलाई 15, 2026