Anurag Dhanda: बीते कुछ दिनों से शिक्षा के क्षेत्र में कई तरह की गड़बड़ियां आ रही है। नीट पेपर लीक के बीद सीबीएसई पेपर चेकिंग मामले में भी गड़बड़ी देखी गई है। इसके अलावा सीयूटी एग्जाम को लेकर भी अभी तक किसी प्रकार की जानकारी सामने नहीं आई है। जिसके बाद सियासी भूचाल मचा हुआ है। बता दें कि देश में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा विवादों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है।
इसी बीच आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता Anurag Dhanda ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए उनके कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Anurag Dhanda ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान पर कसा तंज
दरअसल आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “ये देश के शिक्षा मंत्री नहीं, देश की राष्ट्रीय शर्मिंदगी हैं। इतना कुछ हो गया लेकिन इसे NEET पेपर लीक की चिंता नहीं है, इसे इस बात की चिंता है कि Telegram को कैसे कंट्रोल किया जाए, ताकि बात बाहर न आए। X, Insta, Facebook सरकार के इशारे पर चल रहे हैं लेकिन Telegram को ये लोग क़ाबू नहीं कर पाए।
ये देश के शिक्षा मंत्री नहीं, देश की राष्ट्रीय शर्मिंदगी हैं।
इतना कुछ हो गया लेकिन इसे NEET पेपर लीक की चिंता नहीं है, इसे इस बात की चिंता है कि Telegram को कैसे कंट्रोल किया जाए, ताकि बात बाहर न आए।
X, Insta, Facebook सरकार के इशारे पर चल रहे हैं लेकिन Telegram को ये लोग… pic.twitter.com/ZsUPbqbxNM
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) May 31, 2026
तो क्या सरकार ही पेपर लीक करवाती है? और अब चाहती है कि पेपर बेशक लीक हो, लेकिन बात बाहर नहीं आनी चाहिये? नालायकों पेपर लीक रोक लो तो Telegram पर क्या circulate होगा”?
परीक्षा विवादों को लेकर बढ़ा राजनीतिक घमासान
हाल के महीनों में विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं। NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान ने इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था में चूक स्वीकार करते हुए सख्त कार्रवाई और सुधारों का भरोसा दिया था।
इसके अलावा CBSE के ऑनलाइन मूल्यांकन सिस्टम को लेकर भी छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए।






