Blood Pressure : ब्लड प्रेशर की समस्या से लगभाग हर आयु वर्ग के लोग जूझ रहे हैं। बीपी की बीमारी को अगर इग्नोर किया जाए या फिर इसका ठीक से इलाज ना तो हो ये हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और हार्ट स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों को पैदा करके तुरंत जान ले सकता है। इतना ही नहीं अत्यधिक मात्रा में बढ़ने पर ब्रेन स्ट्रोक के जरिए दिमाग की नस भी फाड़ सकता है। इसीलिए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना बेहद जरुरी है। इस समस्या से जूझ रहे लोगों को रोजाना दवा लेने के साथ चेक भी करना होता है। लेकिन काफी सारे लोगों को बीपी चेक करने का सही समय और तरीका पता ही नहीं होता है। जिसके कारण उन्हें सही रीडिंग नहीं मिल पाती है। इसीलिए एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन डॉक्टर प्रियंका सेहरावत के द्वारा बीपी को नापने का सही तरीका और समय बताया जा रहा है।
Blood Pressure जांचने का सही समय क्या है ?
डॉक्टर प्रियंका सेहरावत का कहना है कि, बीपी की समस्या से जूझ रहे लोग कभी भी अपना ब्लड प्रेशर चेक कर लेते हैं। अगर आप भी चक्कर, घबराहट और बेचैनी के समय ही बीपी जांचते हैं तो इसका सही समय जरुर जानें।
देखें वीडियो
View this post on Instagram
डॉक्टर का कहना है कि, बीपी चेक करने का सही समय सुबह के 8-9 और शाम के 8 से 9 बजे का टाइम है। इस दौरान लगभग 1 मिनट के ब्रेक पर दो बार बीपी को चेक करना है। मरीज अपनी बीपी की रीडिंग का चार्ट बना सकता है। इसे फॉलो करने से मरीज को उसके शरीर में होने वाले ब्लड प्रेशर के बदलावों की जानकारी हो जाएगी. जिसके कारण इलाज कराने में आसानी होगी।
ब्लड प्रेशर की जांच कराते हुए किन बातों का रखें ध्यान?
डॉक्टर का कहना है कि, ब्लड प्रेशर की जांच करते हुए कुछ खास चीजों का ध्यान रखना बहुत जरुरी है वरना सही रीडिंग नहीं आएगी। बीपी की जांच करते हुए मरीज को शांत और सही पॉजीशन वाली रेस्टिंग फेज में बैठना है। बीपी को चेक करने से आधे घंटे पहले तक चलना, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना, शराब-तंबाकू, चाय-कॉफी और खाने का बिल्कुल भी सेवन नहीं करना है। इस दौरान हथेलियों और उंगलियों को हमेशा खुला छोड़ें। अगर पेशाब आ रहा है तो तुरंत कर लें। इसके बाद आराम शांत बैठकर ब्लड प्रेशर को चेक कराना है। इस स्थिति में लिया गया बीपी हमेशा सहित और सटीक आता है। जिससे बीपी कंट्रोल करने में आसानी होती है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






