DMart Spices Test: यह सच है कि दाल हो या सब्जी या कोई स्पेशल डिश मसाले के बिना स्वाद अधूरा है। ऐसे में भारत में मसाले की डिमांड काफी ज्यादा है।अगर कहीं सस्ता मिल जाए तो क्या ही कहना लोगों की फिर वहां भीड़ जमा हो जाती है लेकिन क्या यह आपके हेल्थ के लिए सही है। क्या इसमें किए गए दावे और शुद्धता वाकई खड़ी उतरती है। दरअसल इन दिनों डीमार्ट में मिलने वाले सामानों की पापुलैरिटी काफी ज्यादा देखे जा रही है। ऐसे में क्या यहां सस्ते में मिलने वाली हल्दी पाउडर और मिर्ची पाउडर आपके हेल्थ के लिए हितकारी है। आइए जानते हैं डीमार्ट स्पाइस टेस्ट के लैब रिपोर्ट से क्या खुलासा हुआ।
हल्दी पाउडर को लेकर जानें डीमार्ट स्पाइस टेस्ट में क्या निकला
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हल्दी पाउडर को लेकर टेस्टिंग का खुलासा करते हुए बताया कि हेवी मेटल सेफ पाए गए हैं तो वहीं अफ़्लाटॉक्सिन भी सुरक्षित पाया गया। लेवल 3 में सिंथेटिक वॉटर सॉल्युबल डाइस की टेस्टिंग करवाने पर कोई त्रुटि नहीं निकली। पेस्टिसाइड्स की टेस्टिंग में भी 4 पेस्टिसाइड पाए गए लेकिन सेफ बताए जा रहे हैं हालांकि माइक्रोबायोलॉजिकल की टेस्टिंग करवाने पर यह हेल्दी पाउडर फेल हो जाती है क्योंकि इसमें एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन बैक्टीरिया सेफ लिमिट से कहीं ज्यादा पाए गए हैं।
जानिए कहां फेल है रेड चिल्ली पाउडर
वहीं रेड चिली पाउडर के बारे में बात करते हुए डीमार्ट स्पाइस टेस्ट का पर्दाफाश करते हुए बताया कि हेवी मेटल अफलाटॉक्सिन सुरक्षित पाए गए हैं तो वहीं सिंथेटिक वॉटर सॉल्युबल डाइस की टेस्टिंग भी सुरक्षित बताई गई। वहीं 26 पेस्टिसाइड्स डिटेक्ट हुए लेकिन सभी सेफ लिमिट के अंदर पाए गए हैं। माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग में यह पास नहीं हो पाती है।
DMart Spices Test के बाद जानें क्यों है यह रिस्की
इसके साथ ही मसाले की टेस्टिंग को लेकर बात करते हुए ट्रस्टीफाई ने बताया कि यह हाइजीन फैलियर, स्टोरेज फैलियर और इन प्रॉपर हैंडलिंग को बताता है। अगर आप भी इन मसाले को खाते हैं तो वोमिटिंग डायरिया हो सकता है यानी आप फूड पॉइजनिंग के शिकार हो सकते हैं। इसके साथ ही गट इश्यूज और टॉक्सिन रिलेटेड डिजीज का खतरा भी बन सकता है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
