Health Tips: क्या आप भी अपनी रसोई में शीशे की जगह प्लास्टिक के कंटेनर का इस्तेमाल कर रहे हैं। बिना सोचे समझे आप भी अगर यह गलती कर रहे हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि यह आपके हारमोंस पर प्रभाव डाल रहा है। यह धीरे-धीरे आपको बीमार कर रहा है। इस बारे में बात करते हुए डॉक्टर तरंग कृष्ण ने एक वीडियो जारी किया जहां लोगों को यह समझाते हुए नजर आते हैं कि आखिर क्यों यह आपके लिए खतरनाक है। हेल्थ टिप्स में जानते हैं कैसे प्लास्टिक आपको बीमार बना सकता है।
क्यों है प्लास्टिक कंटेनर अनहेल्दी
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डॉ तरंग कृष्ण के मुताबिक अपने रसोई घर में दाल चावल और बाकी समान को रखने के लिए जिन प्लास्टिक डब्बे को रखा है वह धीरे-धीरे केमिकल लीच कर रहे हैं। आप शीशे के डब्बे रखते से बचते हैं क्योंकि इसे टूटने का खतरा होता है लेकिन डॉक्टर के मुताबिक जनरल आफ हजार्डस मैटेरियल्स के रिसर्च बताती है कि प्लास्टिक कंटेनर जब ऑयली एसिडिक फूड के साथ ज्यादा समय तक रहता है तो केमिकल माइग्रेशन काफी हद तक बढ़ जाता है।
जानिए असली और नकली प्लास्टिक की क्या है पहचान
दरअसल सभी प्लास्टिक एक जैसे नहीं होते हैं इसके नीचे बताया जाता है कि आखिर यह प्लास्टिक का कौन सा टाइप है। एक से सात नंबर तक लिखा होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक एंडोक्राइन सोसाइटी की रिसर्च में बताया जाता है कि तीन और सात नंबर वाला कंटेनर अगर आपके पास है तो उसे उठाकर फेंक दीजिए।
प्लास्टिक के बर्तन को लेकर जानें क्या है Health Tips
वहीं एक्सपोर्ट ने यह भी बताया कि सूखे और नॉन ऑइली फूड्स आप प्लास्टिक कंटेनर में रख सकते हैं लेकिन तैलीय चीज रखने से बचें। अगर आप अचार या तेल मिक्स मसाले को प्लास्टिक में रखते हैं तो यह आपको धीरे-धीरे बीमार करता है। जब गर्म खाना सीधे प्लास्टिक कंटेनर में डाला जाता है और यह प्लास्टिक कंटेनर को माइक्रोवेव में गर्म किया जाता है तो हिट प्लास्टिक की मॉलेक्युलर स्ट्रक्चर को केमिकल रिलीज करता है। यह आपके लिए अनहेल्दी होता है। ऐसे में पहले खाने को ठंडा करे और प्लास्टिक के बर्तन में खाना कभी भी सीधा गरम करने से बचें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







