Saurav Das: डूसू चुनाव नतीजे में एक बार फिर एबीवीपी ने करीब-करीब क्लीन स्वीप कर लिया है। जिसके बाद एक बार फिर विपक्ष हमलावर नजर आ रहा है। इसी को लेकर सीजेपी प्रवक्ता Saurav Das ने चुनाव नतीजों पर सवाल खडे़े किए है। गौरतलब है कि इस बार कांग्रेस संबंधित एनएसयूआई का खात तक नहीं खिला है। एबीवीपी चार में से तीन केंद्रीय पदों पर जीत दर्ज की है। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने जीत हासिल की। इस नतीजे पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सवाल उठाते हुए इसे बंटे हुए छात्र वोट का परिणाम बताया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी जानकारी।
Saurav Das ने DUSU चुनाव नतीजे पर उठाए सवाल
सीजेपी नेता Saurav Das ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि माफ़ कीजिएगा, लेकिन DUSU नतीजों से दो बातें सामने आई हैं – ज़्यादातर छात्र मौजूदा सत्ता के ख़िलाफ़ हैं। लेकिन वे बंटे हुए हैं, और इसी वजह से सत्ता को फ़ायदा होता है। लेकिन इसमें एक अच्छी बात भी है। जो लोग जीते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि वे कोई राजा या रानी नहीं हैं। ज़्यादातर लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया था।CJP के पीछे पड़ने के बजाय, कांग्रेस और उसके प्रशासनिक विंग्स के लिए बेहतर होगा कि वे अपनी कमियों को ठीक करें।
I’m sorry but two observations from the DUSU results:
1. A majority of students are against the present regime—but fractured, and hence it benefits the regime. But this is a silver lining. Those bagging positions must remember they are not kings or queens. The majority DID NOT… https://t.co/MvsW8a0me4
— Saurav Das (@SauravDassss) September 19, 2026
यह सुधार की प्रक्रिया पिछले 12 सालों से चल रही है और लोगों का सब्र जवाब दे रहा है—ठीक वैसे ही जैसे NSUI का टिकट न मिलने पर बागी उम्मीदवार ने VP पद के लिए भारी अंतर से जीत हासिल की। लेफ्ट यूनिटी में शामिल कुछ लोग—सभी नहीं—वैचारिक शुद्धता और विशिष्टता पर बहुत ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं। उन्हें हकीकत समझनी चाहिए—कोई भी अपनी मंज़ूरी के लिए उनके पास नहीं आ रहा है। अगर विपक्ष की “एकता” यही है, तो मुझे डर है कि वे विपक्ष में ही बने रहेंगे।
एबीवीपी ने तीन पदों पर दर्ज की जीत
DUSU चुनाव में एबीवीपी के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उन्हें 24,576 वोट मिले, जबकि NSUI उम्मीदवार विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। इस तरह डबास ने 2,053 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी 21,650 वोट हासिल कर विजयी रहीं। वहीं संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए। हालांकि उपाध्यक्ष पद पर तस्वीर अलग रही। पूर्व NSUI सदस्य और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने ABVP के इशू मौर्या को 13 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया।







