Rahul Gandhi: पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक पारा गरमा गई है। बता दें कि बीते दिन चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह और नाम को फ्रिज कर दिया है। जिसके बाद विपक्ष केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर पूरी तरह से हमलावर नजर आ रहा है।
वहीं इसे लेकर खुद नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और चुनाव आयोग के साथ केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। आयोग के इस फैसले के बाद से एक बार फिर इंडिया गठबंधन एकजुट नजर आ रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Rahul Gandhi का चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न – BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। वोट चोरी। सरकार चोरी।
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न – BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी।…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2026
अब पार्टी चोरी – ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं। ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है – मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं। यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है”। गौरतलब है कि एक बार राहुल गांधी ने एक बार फिर वोटी चोरी का मुद्दा उठा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद टीएमसी पार्टी दो हिस्सों में बंट गई है। 60 से अधिक विधायक ने तृणूल कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़ दिया, तो वहीं करीब 20 सांसदों ने भी पार्टी छोड़ दी थी। जिसके बाद बागी गुट ने पार्टी पर अपना दावा किया था। वहीं अब इस मामले पर चुनाव आयोग ने इस मामले पर पहली प्रतिक्रिया दे दी है और पार्टी के चुनाव चिन्ह और नाम को फ्रिज कर दिया है। हालांकि अभी तक आयोग की तरफ से यह साफ नहीं किया गया है कि पार्टी का चुनाव चिन्ह और नाम ममता दीदी के पास ही रहेगा या फिर ह बागी विधायकों के पास चला जाएगा।







