Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं को लेकर कई अहम बातें कहीं। इस बार कार्यक्रम खास तौर पर छात्राओं और महिलाओं के लिए आयोजित किया गया था। राहुल गांधी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी महिलाएं हैं और महिलाओं की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर रहना बेहद जरूरी है। पहले महिलाएं अपने पिता, फिर पति और फिर बेटे पर निर्भर रहती है। लेकिन महिलाओं को अब आत्मनिर्भर रहना जरूरी है। चलिए आपको बताते है Rahul Gandhi के भाषण की कुछ प्रमुख बातें।
महिलाओं को संबोधित करते हुए क्या बोल Rahul Gandhi
“छात्रों की गूंज” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि “महिलाएं स्वभाव से पुरुषों की तुलना में अधिक संवेदनशील, सौम्य, दयालु और दूरदर्शी होती हैं। और इसीलिए मेरा मूल रूप से मानना है कि भारत की महिलाएं भारत की सबसे बड़ी संपत्ति हैं… जब भी मैं किसी पुरुष से बात करता हूं, तो महिलाओं को तीन श्रेणियों में रखा जाता है।
#WATCH | Pune, Maharashtra: Addressing the “Chhatron Ki Goonj” program, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “Women are by nature more sensitive, more gentle, more compassionate, and more forward-looking than men. And that is why I believe fundamentally that India’s… pic.twitter.com/8677bvtdAl
— ANI (@ANI) August 22, 2026
उन्हें बेटी, पत्नी या मां के रूप में देखा जाता है। अब, पत्नी, बेटी या मां के रूप में देखे जाने में कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन यह आपकी एकमात्र पहचान नहीं हो सकती। ऐसा नहीं हो सकता कि हमारे पास ऐसी प्रतिभाशाली महिलाएं हों जो बेहद दिलचस्प और अलग-अलग काम कर रही हों, जो पेशेवर हों, जो खिलाड़ी हों, जो कई तरह के काम करती हों, और फिर भी हमारे पुरुषों द्वारा उन्हें केवल इन्हीं तीन रूपों में पहचाना जाए।
मनुस्मृति को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष का बयान
कार्यक्रम के दौरान Rahul Gandhi ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं की स्वतंत्रता से जुड़े विचारों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इसमें महिलाओं को अलग-अलग उम्र में पिता, पति और बेटे के अधीन रहने की बात कही गई है। राहुल गांधी ने ऐसे विचारों को महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया और कहा कि समाज को ऐसी सोच को चुनौती देने की जरूरत है।
‘छात्रों की गूँज’ राहुल गांधी के युवाओं के साथ संवाद का एक अभियान है। इससे पहले यह कार्यक्रम कोटा, देहरादून और प्रयागराज में आयोजित हो चुका है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह कार्यक्रम कई अन्य राज्यों में आयोजित किए जाएंगे।







