Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में आज यूसीसी यानि यूनिफॉर्म सिविल कोड बीजेपी सरकार द्वारा पेश किया जा सकता है। मालूम हो कि चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में यह बात कही थी कि अगर उनकी सरकार आ जाती है, तो राज्य में यूसीसी कानून को लागू कर दिया जाएगा।
हालांकि आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कई महत्वपूर्ण चीजें देखने को मिल सकती है। एक तरह ममता बनर्जी की टीएमसी तो दूसरी तरफ टीएमसी के बागी विधायक, आंकड़ों की बात करें तो दीदी के पास करीब 15 से 20 विधायक ही मौजूद है। वहीं बागी विधायकों की संख्या 60 से अधिक है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Suvendu Adhikari पेश कर सकते है यूसीसी बिल
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari आज यानि सोमवार को विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल पेश कर सकते है। सबसे खास बात है कि इस बार विधानसभा में टीएमसी के दो गुट होंगे। एक तरफ 60 से अधिक बागी विधायक तो वहीं तरफ ममता दी के कुछ 15 से 20 विधायक, दोनों ही असली टीएमसी का दावा करेंगे।
जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। इसके अलावा ममता बनर्जी भी इस बार चुनाव हार चुकी है, जिसका साफ मतलब है कि वह विधानसभा में नहीं जा सकेंगी। वहीं खबर तो यह भी सामने आ रही है कि नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी टीएमसी पार्टी पर अपना दावा कर सकते है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
ममता बनर्जी की बढ़ सकती है मुश्किलें
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले भी समान नागरिक संहिता का विरोध कर चुकी हैं। उनका कहना रहा है कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में बिना सभी समुदायों से व्यापक चर्चा किए ऐसा कानून लागू करना उचित नहीं होगा। वहीं अब दीदी के पास इतनी भी बहुमत नहीं है कि वह इसका विरोध कर सके। क्योंकि पहले ही 60 से अधिक विधायक बागी हो चुके है। ले दे के दीदी के पास 15 से 20 विधायक ही बचे है।
वहीं अगर सांसदों की बात करें तो भी टीएमसी के पास केवल और केवल 5-6 सांसद ही बचे हुए है। इसके अलावा दीदी अपना चुनाव हार चुकी है जिसका साफ अर्थ है कि वह विधानसभा नहीं पहुंच पाएगी। माना जा रहा है कि इससे उनका बचा हुआ जनाधार खत्म हो सकता है। वहीं अब देखने दिलचस्प होगा कि पश्चिम बंगाल विधासनभा में किस तरह का समीकरण देखने को मिल सकता है।





