Tamil Nadu Politics: शाम से अगली सुबह होने के साथ तारीख बदलती है और इसके साथ ही बदलते हैं समीकरण। यहां बात दक्षिण भारत के तमिलनाडु के संदर्भ में हो रही है। जहां बीते कल तक एक्टर विजय की टीवीके पर सबकी नजरें टिकी थीं, वहां अब नए समीकरण के साथ दो धुर-विरोधियों के साथ आने की अटकलें तेज हैं।
अटकलों की मानें तो डीएमके-एआईएडीएमके कुछ अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर तमिलनाडु पॉलिटिक्स में खेला कर सकती हैं। इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी तो नहीं है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि थलापति विजय की टीवीके को तमिलनाडु की सत्ता से दूर रखने के लिए नए समीकरण पर चर्चा हो रही है। यदि ऐसा हुआ तो ये तमिलनाडु की सियासत में बड़ा फेरबदल होगा जिसका संदेश दूर तलक जाना सुनिश्चि है।
क्या तमाम मतभेदों को भूल साथ आएंगे DMK-AIADMK?
इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और एआईएडीएमके धुर-विरोधी रही है। 1967 में पहली बार डीएमके ने कांग्रेस को सत्ता से हटाकर पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई थी। अन्नादुरई के बाद एम करुणानिधी सूबे के सीएम बने। फिर एआईएडीएमके का उदय हुई और पार्टी 70 के दशक से अब तक कई बार तमिलनाडु की सत्ता में रह चुकी है।
डीएमके-एआईएडीएमके इस विधानसभा चुनाव में भी एक-दूसरे के खिलाफ लड़े। हालांकि, एक्टर विजय की टीवीके 108 सीटें जीत कर सबसे बड़ी राजनीतिक दल बन गई है। यही वजह है कि दोनों धुर-विरोधियों के साथ आने की अटकलें तेज हैं। दावा किया जा रहा है कि डीएमके के 59 और एडीएमके के 47 विधायक नई गठबंधन बना सकते हैं। बहुमत के लिए बची शेष 12 सीटों के लिए अन्य दलों का समर्थन लिया जा सकता है।
हालांकि, इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं सामने आई है। एडीएमके नए गठबंधन को लेकर इच्छुक है। यदि डीएमके ने सहमति दी तो तमाम मतभेदों को भूल दोनों धुर-विरोधी साथ आ सकते हैं। सबकी नजरें चेन्नई पर टिकीं हैं जहां सियासत की बाजी चली जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि तमिलनाडु पॉलिटिक्स में क्या समीकरण बनता है।
एक्टर विजय को सत्ता से दूर रखने की पहल!
तमिल की सियासत में विकल्पों का अभाव है। यहां डीएमके और एआईडीएमके ही लोगों के समक्ष विकल्प के रूप मे हैं जो नियमित अंतराल पर सत्ता में रहती हैं। 1967 के बाद से अब तक तमिलनाडु की सत्ता में या तो डीएमके या एआईएडीएमके गठबंधन की ही सरकार रही है। हालांकि, 2026 विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की टीवीके को बंपर जीत मिली है।
टीवीके को तमिल की जनता के लिए नए विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। तीसरे मोर्चे का उदय डीएमके के साथ एआईएडीएमके को भी नागवार गुजरा है। यही वजह है कि दोनों धड़े एक्टर विजय की टीवीके को सत्ता से दूर रखना चाहते हैं। संभव है कि इसी कारण नए समीकरण पर चर्चा हुई हो। अब सबकी नजरें चेन्नई में स्थित राजभवन पर टिकी हैं। राजभवन में कौन नई सरकार बनाता है ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।






