AI Scams: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जिसे आसान भाषा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस या एआई भी कहते हैं, वो अब तेजी से एडवांस होता जा रहा है। राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत के देसी एआई मॉडल सर्वम ने काफी धूम मचाई। ऐसे में दुनियाभर में कई सारे एआई टूल्स और मॉडल्स मार्केट में आ रहे हैं। इनसे लोगों को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। मगर साथ ही स्कैम में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसमें भी खास तौर पर जेन जी को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में क्यों जेन जी मतलब युवा पीढ़ी को अधिक टारगेट किया जा रहा है? इससे बचने का क्या तरीका है?
जेन जी के साथ होने वाले AI Scams
युवा पीढ़ी यानी जेन जी के साथ मुख्य तौर पर 5 तरह के स्कैम हो रहे हैं। ऐसे में हर युवा पीढ़ी के इंसान को इसकी जानकारी होनी चाहिए।
- फेक एआई एप्स- मार्केट में कई फेक एआई एप्स हैं, जो एआई प्लेटफॉर्म का दावा करते है, मगर वो डेटा चोरी या मैलवेयर फैलाते हैं।
- एआई जॉब स्कैम- एआई एक्सपर्ट के नाम पर छोटी रकम जिसे फीस भी कहा जाता है, उसकी मांग करते है। साथ ही पर्सनल जानकारी लेते हैं।
- एआई निवेश स्कैम- इस तरह के स्कैम्स में अपराधी युवा पीढ़ी से जेनरेटिव एआई आर्ट, एआई सिक्के और एआई स्टॉक टिप्स देने का फर्जी दावा करते हैं।
- फिशिंग और पहचान चुराने का स्कैम- एआई रिज्यूम टूल्स और ईमेल लिंक भेजकर लोगों की पर्सनल जानकारी चुराते हैं।
- डीपफेक- एआई जेनरेटिड फेक प्रोफाइल, वीडियो या वॉयस मैसेज के जरिए ब्लैकमेल करना।
एआई स्कैम्स में जेन जी पर अधिक निशाना क्यों?
सोशल मीडिया पर जेन जी काफी टाइम व्यतीत करती है। ऐसे में कई तरह के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। जेन जी किसी भी नए ऐप या टूल का जल्दी इस्तेमाल कर लेती है। साथ ही जल्दी पैसे कमाने का लालच और पियर यानी अपनी आयु के लोगों का प्रेशर भी जेन जी को कॉमन एआई स्कैम्स में फंसने के लिए मजबूर करता है। ऐसे में जेन जी के पास तकनीक का यूज करने का उत्साह तो होता है, मगर अनुभव की कमी की वजह से वे जालसाजों का आसान शिकार बन सकते हैं।
स्कैम्स से बचने में काम आएंगे ये उपाए
किसी भी एआई स्कैम्स से बचने का आसान तरीका है कि हर चीज, मतलब छोटा सा मैसेज हो, कॉल हो या फिर कोई अनजान लिंक हो, सभी को वेरिफाई करें। अपने डिवाइस में हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही किसी नए ऐप को इंस्टाल करें। ऑनलाइन पैसों का लेन-देन करते वक्त काफी ध्यान रखें। साथ ही अपनी पर्सनल जानकारी को हमेशा सुरक्षित रखें। किसी के साथ भी बैंकिंग डिटेल साझा न करें। अपने डिवाइस में टू फैक्टर ऑथेनटिकेशन को हमेशा ऑन रखें। कुछ भी गड़बड़ लगने पर उसकी साइबर सेल में ऑनलाइन रिपोर्ट करें।






