BSNL Satellite Phone : भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने पहला सेटेलाइट फोन लॉन्च किया है। इसकी कीमत एप्पल के महंगे आईफोन के बराबर है। कंपनी ने इसे 1.34 लाख के आस-पास की कीमत में लॉन्च किया है। लेकिन इसे हर कोई नहीं ले सकता है। बीएसएनएल सैलेटाइट फोन को खरीदने के लिए सरकार की परमिशन लेनी होगी। अगर आप इस स्पेशल और हाईटेक कनेक्टिविटी देने वाले बेहद मजूबत फोन को खरीदना चाहते हैं तो इस सेटेलाइट फोन की इन 5 बातों के बारे में जरुर जानें।
BSNL Satellite Phone कैसे करता है काम?
BSNL सेटेलाइट फोन को बिना इंटरनेट से चलने के लिए बनाया गया है। ये सेटेलाइट से कनेक्ट होकर कॉल, मैसेज सहित तमाम सारे इमरजेंसी काम करता है। यह फोन पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे Inmarsat सैटेलाइट नेटवर्क से सीधे सिग्नल लेता है। जिसके कारण ये आसामन की ऊंचाई से लेकर गहरे समुन्द्र के अंदर भी काम करता है। बर्फ और रेगिस्तान के लिए परफेक्ट डिवाइस है।
BSNL सैटेलाइट फोन की मजबूत बॉडी
बीएसएनएल सेटेलाइट फोन एक्सट्रीम मौसम और रग्ड बॉडी प्रोटेक्शन IP65 IK04 के साथ आया है। जिसके कारण ये पानी, धूल और गिरने से भी ना तो टूटेगा और ना ही खराब होगा। ये -20°C की कड़ाके की ठंड और 55 डिग्री +55°C की गर्मी को भी झेल सकता है।
डेडिकेटेड इमरजेंसी SOS और जीपीएस ट्रैकिंग
इमरजेंसी की स्थिति में यूजर डेडिकेटेड इमरजेंसी SOS और जीपीएस ट्रैकिंग का यूज कर सकता है। एडवेंचर ट्रेवलर्स के लिए ये फोन वरदान साबित होगा।
पावरफुल बैटरी
बीएसएनएल सेटेलाइट फोन में बेहद पावरफुल बैटरी दी गई है। बिना रुके 8 घंटे तक सैटेलाइट कॉल पर बात की जा सकती है। स्टैडबाय पर डालने के बाद ये फोन 5 से 6 दिनों तक का भी बैकअप दे सकता है। इसमें 3,180 mAh की रीचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी दी गई है। यूजर जरूरत पड़ने पर खुद पुरानी बैटरी निकालकर दूसरी स्पेयर बैटरी डाल सकते हैं, जो लंबी यात्राओं और सेना और बचाव दलों के लिए बेहद उपयोगी है।
आपदा में आएगा काम
खराब मौसम या बाढ़, भूकंप, चक्रवात के समय जब सामान्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर ठप हो जाता है, तब भी यह फोन मात्र कुछ सेकेंड्स में सैटेलाइट नेटवर्क को खोजकर तुरंत कनेक्ट हो जाता है।
BSNL सैटेलाइट फोन को खरीदने के लिए क्यों चाहिए सरकार की परमिशन?
BSNL सैटेलाइट फोन को खरीदने के लिए भारत सरकार दूरसंचार विभाग – DoT की लिखित मंजूरी मिलना अनिवार्य है। इसके पीछे सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी नियम सबसे बड़ी वजह हैं। इसीलिए अगर आप खरीद रहे हैं तो सरकार से परमिशन ले लें।







