America-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार टेंशन जारी है। हालांकि दोनों के बीच बातचीत भी जारी है। इसी बीच अब कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बता दें कि बीते कई दिनों से ब्रेंट क्रूड ऑयल में जबरदस्त उछाल देखने को मिल था। कीमत 125 डॉलर के पार पहुंच गई थी।
वहीं अब इस लगातार कमी देखी जा रही है, जो भारत समेत कई देशों के किसी खुशखबरी से कम नहीं है। इसके इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकी दे रहे है। उन्होंने अपने हालिया बयान में साफ तौर पर कहा कि वह ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं बनने देंगे।
America-Iran Tension के कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उलटफेर
बताते चले कि America-Iran Tension के बीच भारत समेत दुनिया के कई देशों को बड़ी खुशखबरी मिली है। दरअसल एक बार फिर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर के आसपास पहुंच चुकी है। मालूम हो कि इससे पहले इसकी कीमत 125 डॉलर के पार पहुंच गई थी। जिससे आर्थिक संकट गहराने लगा था।
वहीं अगर ताजा रेट की बात करें तो 101 डॉलर प्रति पहुंच चुका है। मीडिल ईस्ट में जारी टेंशन भारत समेत दुनिया के कई देशों के लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। कई देशों में एनर्जी संकट गहराने लगा है। वहीं अब कच्चे तेल की कीमतों में कमी से कई देशों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि ट्रंप अभी भी लगातार ईरान को खुली धमकी दे रहे है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी खुली धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीते दिन अपने संबोधन में कहा कि “हम ईरान को पूरी तरह से नष्ट कर देंगे। हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे। हम ऐसे लोगों से बात कर रहे हैं जो समझौता करने के लिए बेहद इच्छुक हैं, और हम देखेंगे कि वे हमारे लिए संतोषजनक समझौता कर पाते हैं या नहीं। स्थिति पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में है।
#WATCH | On the West Asia conflict, US President Donald Trump says, “We are going to blow them (Iran) away… We are not going to let Iran have a nuclear weapon… We are dealing with people who want to make a deal very much, and we will see whether or not they can make a deal… pic.twitter.com/ceSe53ilY7
— ANI (@ANI) May 6, 2026
नाकाबंदी अविश्वसनीय है। नौसेना ने शानदार काम किया है। उन्होंने जो किया है वह लोहे की दीवार की तरह है। कोई भी इसे पार नहीं कर सकता। विशेष रूप से, ईरानी किसी भी तरह से कुछ भी हासिल नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए उनका धंधा चौपट हो गया है। हम देखेंगे कि वे सहमत होते हैं या नहीं। अगर वे सहमत नहीं होते हैं, तो वे कुछ ही समय बाद सहमत हो जाएंगे।”






