Iran Protest: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण है। ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर अबकी बार जेन-जी उतर गई है। युवाओं की फौज मौलवी शासन को खत्म करने की मांग के साथ जमकर हुंकार भर रही है। इस बीच जारी ईरान प्रोटेस्ट के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा है। सबकी निगाहें सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामेनेई को ढूंढ़ रही हैं। प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन की प्रतिक्रियाओं पर भी लगातार नजर बनी हुई है।
शासन के तल्ख रुख के बीच जेन-जी के अडिग रवैये को देखते हुए सवालों के अंबार भी लगे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या ईरान प्रोटेस्ट के बीच अली खामेनेई मुल्क छोड़ भागने की फिराक मे हैं? खामेनेई का अगला कदम क्या होगा? इससे इतर भी तमाम अन्य सवाल हैं जिसका जवाब ढूंढ़ने के साथ तेहरान से आ रहे लेटेस्ट अपडेट पर चर्चा की जाएगी।
क्या Iran Protest के बीच मुल्क छोड़ भागने की फिराक में खामेनेई?
ये बड़ा सवाल है जिसका पुख्ता रूप से कुछ जवाब नहीं दिया जा सकता। ब्रिटिश अखबार ‘द टाइम्स’ ने इस संबंध में दावा किया है। अखबार के रिपोर्ट में दावा है कि आयातुल्ला अली खामेनेई अपने कुछ करीबियों के साथ ईरान छोड़ भागने की फिराक मे हैं। इसमें उनके बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा समेत 20 लोगों की संख्या बताई जा रही है। यदि दावा सही है तो खामेनेई ईरान प्रोटेस्ट के बीच रूस की ओर कूच कर सकते हैं।
हालांकि, खामेनेई की आधिकारिक प्रतिक्रिया से ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा। अभी हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमले के बाद ईरानी सुप्रीम लीडर की तल्ख प्रतिक्रिया सामने आई थी। अमेरिका का नाम लिए बगैर खामेनेई ने कहा था कि वे दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर करेंगे। ईरान के न झुकने की बात करते हुए खामेनेई ने जल्द स्थिति नियंत्रित करने की बात दोहराई थी। ऐसे में ये दावा करना कि खामेनेई प्रदर्शन के बीच मुल्क छोड़ सकते हैं, थोड़ी जल्दबाजी होगी।
तेहरान की सड़कों पर Gen Z के प्रदर्शन के बाद आगे क्या?
प्रदर्शनकारियों का रुख स्पष्ट है कि उन्हें मौलवी शासन से मुक्ति चाहिए। 1979 से ईरान मौलवी शासन के अधीन है। करीब 35 वर्षों से ज्यादा समय से आयातुल्ला अली खामेनेई भी मुल्क पर शासन कर रहे हैं। इस बीच वर्तमान में मुल्क की आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है। महंगाई आसमान छू रही है और दुनिया के तमाम देशों ने ईरान से आयात-निर्यात पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है।
युवा प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मौलवी शासन खत्म हो और रजा पहलवी को कमान सौंपी जाए। हालांकि, ये तख्तापलट इतना आसान नहीं होने वाला और खामेनेई इतनी जल्द गद्दी नहीं छोड़ने वाले हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि तेहरान की सड़कों पर उमड़ी जेन-जी आगे क्या कदम उठाती है। दुनिया की निगाहें ईरान के बदलते समीकरण पर टिकी हैं।






