US-Israel-Iran War: अंदरखाने एक ओर युद्धविराम की चर्चा हो रही है, तो दूसरी ओर भीषण हमले की तैयारी है। ये हालात पश्चिमी एशिया के हैं जहां अमेरिका और इजरायल संयुक्त रूप से ईरान के समक्ष प्रतिद्वंदी बने खड़े हैं। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच सबकी नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर टिकीं हैं जो लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
ट्रंप ने ताजा बयान जारी कर तेहरान की हुकूमत को फिर चेताया है। उन्होंने ईरान पर अगले कुछ दिनों में भीषण हमला कर उन्हें पाषाण युग में भेजने की बात कही है। अमेरिका की धमकी से दुनिया के कई देश दहल उठे हैं। सवाल है कि क्या मिडिल ईस्ट में फिर भीषण तबाही मचेगी?
प्रेसिडेंट ट्रंप की US-Israel-Iran War के बीच तेहरान हुकूमत को चेतावनी!
गुरुवार को अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की मजबूत स्थिति का दावा किया। उन्होंने ईरान को हथियार डालने की चेतावनी दी। ऐसा न करने की स्थिति में ट्रंप ने तेहरान समेत ईरान के सभी प्रमुख शहरों में अगले कुछ दिनों में भीषण हमला करने की धमकी दी है।
अपने संबोधन में प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि “अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर बेहद कड़ा प्रहार किया जाएगा और उसे पाषाण युग में धकेल दिया जाएगा। जहां वे वास्तव में होने चाहिए।” डोनाल्ड ट्रंप की ये धमकी ईरान पर गहराते संकट की ओर आशंका व्यक्त कर रही है।
क्या मिडिल ईस्ट में फिर मचेगी भीषण तबाही?
डोनाल्ड ट्रंप की ताजा धमकी और ईरान के अडिग रवैये को लेकर ये सवाल तेजी से उठ रहा है। दरअसल, ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है। एक ओर ट्रंप ने ईरान पर अगले कुछ दिनों में भीषण हमले की धमकी दी, दूसरी ओर तेहरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइल दागे गए। ये ईरान के अडिग रवैये को दर्शाता है।
हालांकि, इजरायल और अमेरिका भी लगातार प्रतिद्वंदी मुल्क पर हमला कर रहे हैं। इसी बीच ट्रंप का ईरान को पाषाण युग में धकेलने की धमकी देना दुनिया के कई देशों को सोचने पर मजबूर करता है। यदि अमेरिकी हमले तेज हुए, तो मिडिल ईस्ट में तबाही का भीषण मंजर नजर आएगा और पूरी दुनिया इसका दंश झेलेगी।






