Asim Munir: बलूचिस्तान से खैबर पख्तूनख्वा तक पाकिस्तान की सेना की बर्बरता के कई हिस्से दुनिया पढ़ चुकी है। मासूमों को निशाना बनाना और आवाज उठाने वालों को कुचलना आसिम मुनीर के लिए बेहद सामान्य सी बात है। हालांकि, एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। खबरों की मानें तो आसिम मुनीर की सेना ने रमज़ान माह में मासूम मुसलमानों को निशाना बनाया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में इसकी पोल खुली है। यूएनएससी में पाकिस्तानी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार ने कबूल लिया है कि भारत के खिलाफ क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म और अफगानिस्तान पर एयर अटैक में इस्लामाबाद का हाथ था। इन हमलों में औरतें और बच्चे मारे गए थे। रमज़ान माह में आसिम मुनीर की सेना द्वारा किए हमलों में मासूम मुसलमानों की जान जाना सुर्खियों बटोर रहा है।
रमज़ान माह में मासूम मुसलमानों को निशाना बना रही Asim Munir सेना!
मुनीर सेना रमज़ान के पाक माह में भी मासूम मुसलमानों को निशाना बानने से बाज नहीं आ रही है। खबरों की मानें तो बीते दिनों भारत के खिलाफ क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म और अफगानिस्तान पर जो एयर अटैक हुआ था। उसमें पाकिस्तान का हाथ था। इन हमलों में ज्यादातर औरतें व बच्चों की मौत हुई थी।
6 मार्च को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 150 से अधिक लोग मारे गए थे। इसमें औरतों की तादाद सबसे अधिक थी। ये दर्शाता है कि किस प्रकार आसिम मुनीर की सेना बर्बरता अपनाते हुए रमज़ान माह में भी मासूम मुसलमानों को निशाना बना रही है। ये पाकिस्तानी सेना के क्रूर चेहरे का जीता जागता ताजा उदाहरण है जो मुनीर को कटघरे में खड़ा करता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खुली पोल!
आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सेना के बर्बरता की पोल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खुली है। दरअसल, सोमवार को यूएनएससी में भारत के स्थायी सदस्य हरीश पर्वतनेनी ने अफगानिस्तान पर एयर अटैक या क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म को मानवता के खिलाफ बताया।
उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कुटनीतिक कदम उठाया। इस पर आगबबूला होते हुए पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने हमले की जिम्मेदारी ली और एयर स्ट्राइक की बात स्वीकार ली। पाकिस्तानी प्रतिनिधि के इस कदम से दुनिया भर में मुनीर सेना की थू-थू हो रही है।






