Mojtaba Khamenei: ईरान के पूर्व और दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू होगा और 9 जुलाई को खत्म होगा। इसी को देखते हुए ईरान ने कई देशों के राष्ट्रध्यक्षों के शामिल होना का न्योता दिया है। लेकिन एक खबर जो सबसे चर्चा में बनी हुई है वह ये कि
अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei जो ईरान के नए सुप्रीम लीडर भी है, वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शायद शामिल ना हो। मालूम हो कि ईरान और अमेरिका की तरफ से पहले से ही ये कहा जा चुका है कि नए सुप्रीम लीडर बुरी तरह से घायल है। वहीं ईरान के इस फैसले से इजरायल की चिंता बढ़ सकती है।
पिता के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल होंगे Mojtaba Khamenei
बताते चले कि दिवंगत अली खामेनेई की अंतिम प्रक्रिया 4 जुलाई से 9 जुलाई तक होगी। वहीं भारत समेत दुनिया के कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। ईरान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आने के न्योता दिया है। हालांकि भारत की तरफ से पीएम मोदी तो शामिल नहीं होंगे लेकिन उनकी जगह बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन और विदेश मामलों के राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा तीन जुलाई को अयातुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने ईरान जाएंगे। अब खबर सामने आ रही है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei अपने पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लेंगे। माना जा रहा है कि यह फैसला उनकी सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।
इजरायल की क्यों बढ़ी चिंता – Mojtaba Khamenei
अमेरिका और ईरान के हमले में ही अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। माना जा रहा है कि इजरायल अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान हमले कर सकता है। इसी को देखते हुए मोजतबा खामेनेई शायद अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल ना हो।
बताते चले कि ईरान और अमेरिका ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह नए सुप्रीम लीडर पर भी हमला कर सकते है। वहीं ईरान के इस फैसले से इजरायल के हाथ से हमले का मौका निकल सकता है। एक्सपर्ट का मानना है कि यही कारण है कि ईरान की तरफ से यह फैसला लिया गया है। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि नए सुप्रीम लीडर क्या अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होते है या नहीं।






