US Iran War के बीच ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर मंडराया संकट, हॉर्मुज ठप होने से दुनिया भर में मचेगा हाहाकार, जानें अपडेट

US Iran War: तेल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। इस सब के बीच अमेरिका की तरफ से क्या दावा किया गया है और शांति समझौते का परिणाम नहीं मिल रहा है। आइए जानते हैं लेटेस्ट अपडेट क्या है।

US Iran War

Photo Credit- Google US Iran War

US Iran War: जहां एक तरफ तीसरे विश्व युद्ध को लेकर लगातार गहमागहमी है। वहीं इस सब के बीच वैश्विक तेल की कीमत पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव का असर देखने को मिल रहा है। अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद ईरान में अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा दी है। कतर और संयुक्त अरब अमीरात पर भी हमले किए गए जिसकी वजह से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की तेजी आई है। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि आने वाले समय में तेल की भारी की किल्लत का सामना पूरी दुनिया को देखने को मिल सकता है।

US Iran War का देखें तेल की कीमत पर क्या है असर

अगर अमेरिका और ईरान द्वारा किए जाने हमले पर काबू नहीं किया जाता है तो उसका खामियाजा पूरे विश्व को बताना पड़ सकता है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत पहले ही 3% से ज्यादा बढ़ चुकी है तो वही ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.24% बढ़कर $78.47 प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 3.30% बढ़कर $73.77 प्रति बैरल पर पहुंच गई है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर इस तरह से बढ़ रहा खतरा

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग में से एक हॉर्मुज जहां वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवा हिस्सा और खाड़ी देशों से एलएनजी का निर्यात होता है लेकिन लगातार हमलों के बीच इस रास्ते से होने वाले निर्यात काफी कम हो गए हैं। जहां व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर डर बढ़ गया है। रविवार को सिर्फ 6 को देखा गया जो पिछले पांच हफ्तों में सबसे कम है।

हॉर्मुज को लेकर जहाज की आवाजाही बंद होने के बाद भी अमेरिका और ईरान आमने-सामने

अमेरिका का कहना है कि जहाज आ जा रहे हैं वहीं ईरान ने हमले होने के बाद इस रास्ते को बंद कर देने का दावा किया है। जहां उन्होंने कहा था कि कि स्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-नेवी के ईरानी कमांडर ने हाल ही में सरकारी मीडिया पर कहा कि कोई भी विदेशी जहाज़ ईरानी सेना की पहचान, ट्रैक और मॉनिटरिंग के बिना होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुज़र सकता। वहीं अमेरिका की तरफ से कहा जा रहा है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल नहीं करता है। यह एक इंटरनेशनल वॉटरवे बना हुआ है। U.S. सेना इसे इसी तरह बनाए रखने के लिए तैयार और तैनात है।

शांति संशोधन का नहीं मिल रहा परिणाम और तेल को लेकर गहराई संकट

जहां बीते कुछ समय पहले अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थाई समझौता हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक 60 दिनों के समझौते में हॉर्मुज को खोले जाने की बात की गई थी लेकिन अब एक बार फिर से चीज निकल गई है। समझौते के बाद वैश्विक तेल सप्लाई में बढ़ोतरी हुई थी लेकिन एक बार फिर हमले होने के बाद से पहले के स्तर से 94 लाख बैरल प्रति दिन कम है। दुनिया भर में कच्चे तेल की किल्लत का खौफ है जिसकी वजह से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

 

 

 

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