US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनातनी और शांति वार्ता का दौर जारी है। वहीं इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के कीमतों में उतार-चढ़ाव पर देखा जा रहा है। इस सब के बीच अब कहा जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से एक कूटनीतिक फैसला लिया गया जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान में घोषणा की है कि फिलहाल के लिए बड़े सैन्य हमले को रद्द कर दिया गया है। इस बात की कोशिश जारी है कि बातचीत की जाए। जहां कहा जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच सोमवार को बातचीत होगी। इस सबके बीच कच्चे तेल की कीमत में 7.3% तक गिरावट दर्ज हुई है। क्या भारत में इसका असर पड़ने वाला है।
कैसे वार्ता की खबर से कच्चे तेल के बाजार में आई राहत
ईरान के साथ अमेरिका ने समझौते में शर्त रखी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जल्द से जल्द खोला जाए। दोनों देश में बातचीत के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बड़ी राहत मिली है और कच्चे तेल की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड कीमत में 7.3% तक की बड़ी गिरावट आई जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81 प्रति बैरल से भी नीचे चली गई। इससे पहले जुलाई महीने में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में लगभग 25% का भारी उछाल आया था।
क्या पेट्रोल डीजल की कीमत में आई कमी
समुद्री रास्तों पर लगातार बढ़ते खतरे और अनिश्चितता को देखते हुए अलग-अलग देश की तरफ से कोशिश जारी है ताकि आने वाले समय में युद्ध के कारण होर्मुज का रास्ता बंद भी रहता है तो भी वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित न हो। इसके साथ ही अगर भारत में पेट्रोल डीजल की कीमत में आई गिरावट की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम होने से भारत में इसका कोई भी असर देखने को फिलहाल नहीं मिल रहा है। कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ी राहत दी गई है।
जानिए भारत में US Iran War का क्या है असर
रिपोर्ट की माने तो 1 अगस्त से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 200 रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई है जिसकी वजह से इसका फायदा होटल रेस्तरां, ढाबा और अन्य स्थान पर मिलेगा। हालांकि एलपीजी सिलेंडर की कीमत फिलहाल वही बताई जा रही है। वहीं पेट्रोल डीजल की कीमत पर भी कोई असर नहीं देखा जा रहा है। आने वाले समय में क्या बदलाव होता है यह देखना दिलचस्प है।







