Karnataka Viral Video: आपनेफिल्मों में सांप के काटने पर मुंह से चूसकर जहर निकालते हुए कई सारे हीरो को देखा होगा। लेकिन हकीकत की दुनिया में ऐसा जोखिम शायद ही लोग उठाते हैं। क्योंकि इससे पीड़ित के साथ बचाने वाले की जान जाने का भी खतरा होता है। लेकिन इसी रिस्क को एक शिक्षक ने लिया। कर्नाटक में कक्षा एक में पढ़ने वाली छात्रा को जहरीले कोबरा सांप ने काट लिया। इसके बाद वो जोर-जोर से रोने लगी। बच्ची की स्थिति को देखते हुए टीचर फरिश्ता बनकर उतरा और अपने मुंह से जहर चूसकर बाहर निकाला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
स्कूल में मासूम बच्ची के लिए फरिश्ता बनकर उतरा शिक्षक
इस कर्नाटक वायरल वीडियो को Gk नाम के एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही मामले की जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘स्कूल के अंदर कक्षा 1 की एक छात्रा को एक जहरीले कोबरा ने काट लिया।
देखें वीडियो
Meet Ravi Shankar school teacher from Karnataka!
• A poisonous cobra bit a Class 1 student inside the school.
• Hearing her scream, teacher Ravishankar rushed to help.
• He quickly gave first aid and acted immediately.
• He sucked out the venom to stop it spreading.
• The… pic.twitter.com/1YTCps83gg— Gk (@Ggk_here_) March 15, 2026
उसकी चीख सुनकर शिक्षक रविशंकर तुरंत मदद के लिए दौड़े।उन्होंने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत कार्रवाई की।उन्होंने जहर को फैलने से रोकने के लिए उसे चूस लिया।छात्रा को तुरंत बसवेश्वरा अस्पताल ले जाया गया।डॉक्टरों ने पुष्टि की कि छात्रा और शिक्षक दोनों सुरक्षित हैं। यह एक शिक्षक के साहस और समर्पण का सच्चा उदाहरण है।’
Karnataka Viral Video को देख टीचर कर रहे सलाम
ये मामला कर्नाटक के चित्रदुर्ग इलाके में मौजूद हुनासेकट्टे गांव का है। यहां के सरकारी स्कूल में सुबह के समय मासूम बच्ची को जहरीले नाग ने शिकार बनाया। पीड़ित बच्ची का नाम सृष्टि माब है। स्कूल के अंदर सांप निकलने से परिजनों और स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। फिलहाल शिक्षक की सूझबुझ और हिम्मत से मासूम की जान बच गई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। सभी लोग बहादुर शिक्षक की हिम्मत को सलाम कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






