Lucknow News: लखनऊ रेल डिवीजन के ऑफिस से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इस खबर ने लोगों को हैरान कर दिया है। जहां कथित तौर पर एक लोको पायलट ने अपनी छुट्टी बढ़ाने की अपील की क्योंकि हाल ही में उसकी बवासीर की सर्जरी हुई थी। घाव सूखने की वजह से उसने थोड़े दिन और आराम करने का सोचा और चीफ क्रू कंट्रोलर के पास लीव बढ़ाने के लिए पहुंचा। उसकी छुट्टी बढ़ाई जाने की अपील की सुनवाई नहीं की गई। लोको पायलट ने पेंट उतार कर इसका सबूत दिया। आइए जानते हैं लखनऊ न्यूज में क्या है डिटेल्स।
लखनऊ न्यूज में अधिकारी की दबंगई देख होगी हैरानी
लखनऊ डिविजन में तैनात एक लोको पायलट की पाइल्स के चलते सर्जरी हुई है, इसी आधार पर वह मेडिकल लीव लेने अपने वरिष्ठ अधिकारी के पास पहुंचा लेकिन, उसे छुट्टी नहीं मिली और प्रमाण लाने को कहा गया तो, पीड़ित कर्मी बीमारी से संबंधित डॉक्टर और दबाव के पर्चे लेकर पहुंचा, साथ ही पेंट खोल कर… pic.twitter.com/DJbl4sa67o
— Gautam Sandesh (@atgautamsandesh) March 4, 2026
लखनऊ न्यूज की बात करें तो कहा जा रहा है कि लखनऊ डिवीजन का एक लोको पायलट बवासीर सर्जरी के बाद घाव नहीं भरने पर कुछ और दिन की छुट्टी मांगने अपने अधिकारी के पास गया। अधिकारी को उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ, इसलिए उसने अधिकारी को विश्वास दिलाने के लिए अपनी पैंट उतार दी ताकि वे घाव देख सकें। अधिकारी लोको पायलट की जख्म नहीं देखा और ना ही छुट्टी बढ़ाई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जहां देखा जा सकता है कि कैसे ऑफिस में मौजूद और कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं और छुट्टी बढ़ाने की मांग करते रहे।
Lucknow News को लेकर लोगों में गजब विरोध
वहीं लखनऊ न्यूज में अधिकारी महोदय अपनी सीट पर जमकर बैठे हुए रहते हैं और उन्हें किसी बात का कोई फर्क नहीं हो रहा है। बवासीर की सर्जरी दिखाने वाला यह लोको पायलट चर्चा में आ गया है वहीं इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग विरोध भी कर रहे हैं जहां लोगों का कहना है कि ऐसा भारत में ही संभव है। वहीं लखनऊ न्यूज को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि AILRSA यूनियन के हस्तक्षेप के बाद छुट्टी मिल गई लेकिन सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसे लेकर लोग जमकर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






