Viral Video: ट्रेन का सामान अक्सर यात्रियों के द्वारा गायब कर लिया जाता है। ये बहुत ही सामान्य माना जाता है। लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब सामान को चुराने वाले लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया जाए। सोशल मीडिया पर एक महिला का ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वो ट्रेन की चादर को चुराकर ले जा रही है। इस दौरान उसका पति भी है। चेकिंग में उनके बैग से रेलवे की सरकारी चादर निकली हैं। लेकिन विवाद तब खड़ा हुआ जब वो बेहद अजीब तर्क देने लगी। महिला की अकड़ और उसका एटीट्यूड किसी के गले से नहीं उतर रहा है।
क्या हुआ जब रलेवे की चादर चुराती हुई पकड़ी गई महिला?
रेलवे के सामान को चुराकर ले जाती महिला के वायरल वीडियो को एक्स पर DINESH K SEN नाम के हैंडल से अपलोड किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में मामले की जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘यही है रेलवे के चादर चोर पकड़े जाने पर अजीब सफाई..टिकट ली है तो यह भी हमारा! भाई इस महिला के तर्क सुनकर आप माथा पकड़ लेंगे।’ महिला से जब चादर चोरी किए जाने के बारे में पूछा गया तो उसने गुस्से में कहा कि, ‘बकवास मत करिए. वीडियो बनानी है तो बना लीजिए।”
यही है रेलवे के चादर चोर
पकड़े जाने पर अजीब सफाई..टिकट ली है तो यह भी हमारा!
भाई इस महिला के तर्क सुनकर आप माथा पकड़ लेंगे 😳 https://t.co/Comdvhf6Vk— DINESH K SEN (@dks_230) September 17, 2026
महिला ने चादर चुराने का बेहद अजीब तर्क देते हुए कहा कि, ‘टीसी ने हमसे ज्यादा पैसे लिए हैं।’ इस दौरान चेकिंग कर रहे लोग लगातार महिला से इस चादर और सामान के बारे में पूछ रहे हैं। लेकिन वो बेहद हैरतअंगेज जवाब दे रही है जो किसी के गले नहीं उतर रहे हैं।
Viral Video यूजर्स को कर रहा हैरान
रेलवे की चादर चुराती महिला का वायरल वीडियो कब और कहां का है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे एक्स पर 17 सितबंर 2026 को अपलोड किया गया था। इस वीडियो पर 46000 से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। वही, तमाम सारे लोगों के कमेंट भी आ रहे हैं। एक यूजर प्रतिक्रिया देते हुए लिखता है, ‘इंसान गलती करता है बताइए छोटी चीजों के लिए अपनी नियत खराब कर लेता है यह कितना ही बेहद गिल्टी भरा पल होगा और ऊपर से इस प्रकार के आरोप लगाना सही नहीं है।’ वहीं, काफी लोग महिला के रिएक्शन से हैरान हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।







