Delhi Dehradun Expressway: देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से एक Delhi Dehradun Expressway के कुछ हिस्सों पर बने बड़े गड्ढों और सड़क की खराब स्थिति को लेकर यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। सोशल पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
जिसके बाद सड़क सड़क की गुणवत्ता, यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। दरअसल वीडियो में एक्सप्रेसवे पर दो बड़े गड्ढे दिखाई दे रहा है। तेज रफ्तार से आ रही गाड़ियों के लिए यह काफी खतरनाक है। वहीं अब इस मामले पर NHAI यानि (National Highway Authority of India) ने इस मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Delhi Dehradun Expressway पर विशाल गड्ढो ने बढ़ाई यात्रियों की टेंशन
बता दें कि Delhi Dehradun Expressway का उद्घाटन अभी 3 महीने पहले ही हुआ था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स यह सवाल खड़े कर रहे है कि आखिर 3 महीने में ही एक्सप्रेसवे पर गड्ढे कैसे आने लगे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
🚨 This is Delhi-Dehradun Expressways
Inaugurated Just 2 Months Back in April 2026
Be Extra Careful Driving on Highways and Expressways During Monsoon Season and at Nightpic.twitter.com/XgY1Q98Ixo
— Ravisutanjani (@Ravisutanjani) July 2, 2026
बता दें कि इस वीडियो को Ravisutanjani नाम के एक्स हैंडल से शेयर किया गया है। जिसमे साफ देखा जा सकता है कि कैसे कि सड़क पर दो बड़े-बड़े गड्ढे दिख रहा है। अगर कोई गाड़ी तेज रफ्तार से आएगी तो एक्सीडेंट का खतरा काफी बढ़ सकता है। वहीं अब एनएचएआई की तरफ से इस मामले में प्रतिक्रिया दी गई है।
वायरल वीडियो पर एनएचएआई ने दी सफाई
वायरल वीडियो पर एनएचएआई ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “एनएचएआई यह बताना चाहता है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर Km 55+480 पर सड़क की सतह धंसने की घटना बारिश के बाद पानी जमा होने और उस जगह पर परमानेंट क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम को चालू करने में आ रही दिक्कतों के कारण हुई।
NHAI would like to inform that the road surface cave-in at Km 55+480 on the Delhi–Dehradun Economic Corridor occurred due to water stagnation following rainfall, coupled with constraints in commissioning the permanent cross-drainage system at the location.
The affected stretch… pic.twitter.com/mWlQztrSDc
— NHAI (@NHAI_Official) July 2, 2026
प्रभावित हिस्से की पहचान 1 जुलाई 2026 की सुबह रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान की गई और तुरंत मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। ट्रैफिक की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उस जगह की मरम्मत को प्राथमिकता दी गई। उस जगह पर बना बैलेंसिंग कलवर्ट (जो बारिश के पानी को सड़क के दूसरी तरफ सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए बनाया गया था) चालू नहीं किया जा सका, क्योंकि स्थानीय निवासी लगातार इसका विरोध कर रहे थे”।






