---Advertisement---

Success Story: मशरूम की खेती कर आप भी लाखों कमा सकते हैं, पढ़िए सुषमा गुप्ता की कहानी

Success Story: कोलकाता की सुषमा गुप्ता की सक्सेस स्टोरी। वे मशरूम की खेती कर घर बैठे लाखों रुपए कमा रही हैं।

Avatar of Ravi Ranjan Raja

By: Ravi Ranjan Raja

Published: मार्च 10, 2023 6:43 अपराह्न

Success Story
Follow Us
---Advertisement---

Success Story: भारत में पिछले कुछ सालों में किसानों का रुझान मशरूम की खेती की ओर काफी तेजी से बढ़ रहा है। आप मशरूम की खेती को आमदनी का एक बेहतर जरिया बना सकते हैं। बाजार में भी मशरूम अच्छे दामों पर मिल जाता है। बता दें, अलग-अलग राज्यों में मशरूम की खेती कर किसान काफी मुनाफा कमा रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की मशरूम की खेती में बहुत कम लागत लगती है, लेकिन इससे मुनाफा कई गुना ज्यादा मिल जाता है।

सुषमा गुप्ता की कहानी (Success Story)

आज आपको एक महिला की सक्सेस स्टोरी (Success Story) बताते हैं, जो मशरूम की खेती कर घर बैठे लाखों रुपए कमा रही हैं। यह कहानी कोलकाता की रहने वाली सुषमा गुप्ता की है। सुषमा गुप्ता बीकॉम पास हैं और उनकी शादी साल 2005 में हुई थी। शादी के बाद सुषमा के पति मृत्युंजय रोजगार की तलाश कर रहे थे। इसी बीच सुषमा ने मशरूम की खेती शुरू कर दी।

ये भी पढ़ें: Housing Loan: अब घर खरीदना हुआ और भी आसान, इन 5 बैंकों में होम लोन पर महिलाओं को मिल रही भारी छूट

यहां से आया खेती का आइडिया

वर्तमान समय में सुषमा खेती-किसानी में अपनी मेहनत के दम पर आज पूरे जिले के लिए मिसाल बन गई हैं। अब सवाल यह है कि सुषमा के दिमाग में मशरूम की खेती का आइडिया कहां से आया। इस पर सुषमा बताती हैं कि शादी के बाद वे अपने पति के हिस्से में मिली जमीन पर मौसमी फल की खेती किया करती थी। साथ ही वे साग-सब्जी भी उगा लिया करती थीं।
सुषमा ने बताया कि साल 2012 में उन्होंने मशरूम की खेती के बारे में सुना। इस पर उन्होंने खोज की तो पता चला कि होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोह में मशरूम की काफी डिमांड है। इसके बाद उन्होंने औरंगाबाद स्थित सिरिस कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम खेती की ट्रेनिंग ली।

घर की बालकनी से की थी शुरुआत

सुषमा कहती हैं कि मशरूम की खेती की शुरुआत उन्होंने साल 2015 में घर की बालकनी में किया था। खेती से वर्तमान समय में करीब 10 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह आय हो जा रही है। इसी पैसे से सुषमा के बच्चों की पढ़ाई भी हो रही है। साथ-साथ घर का भी काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे राजगीर से मशरूम की बीज मंगवाती हैं।

एक महीने का लगता है समय (Success Story)

सुषमा गुप्ता का कहना है कि मशरूम की खेती के लिए वे गांव से ही कुट्टी और पुआल खरीदती हैं। इसके बाद एक अंधेरे घर में पॉलिथीन का जार बनाकर उत्पादन कर रही हैं। उनका कहना है कि मशरूम तैयार होने में करीब एक महीना का समय लगता है। एक महीने बाद मशरूम खाने लायक हो जाता है।

ये भी पढ़ें: Scholarship Scheme: सरकार विद्यार्थियों को दे रही 36 हजार रुपए की मदद, लास्ट डेट से पहले फटाफट करें आवेदन

3 डिसमिल जमीन में खेती

उन्होंने बताया कि पहले मशरूम की बिक्री के लिए उसे स्थानीय बाजार ले जाती थी, जहां उन्हें अच्छे दाम मिल जाते थे। लेकिन अब उनके फर्म हाउस पर ही लोग मशरूम खरीदने आ जाते हैं। वे करीब 3 डिसमिल जमीन पर मशरूम की खेती कर रही हैं। उनके इस बिजनेस में 5 लोग शामिल (Success Story) हैं।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

SIR Controversy

अक्टूबर 15, 2026

Punjab News

अक्टूबर 14, 2026

Punjab News

अक्टूबर 14, 2026

Muskan Sahil Case

अक्टूबर 14, 2026

Punjab News

अक्टूबर 14, 2026

Viral Video

अक्टूबर 14, 2026