Farooq Abdullah: कश्मीर पर पाकिस्तान के इंटरनेशनल कैंपेन को लेकर जम्मू कश्मीर के नेता की तरफ से कुछ ऐसा बयान दिया गया जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया। वहीं पाकिस्तान का जिक्र करने पर बीजेपी ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। फारूक अब्दुल्ला ने अपने बयान में कुछ ऐसा कहा जिसे लेकर जनता को भड़काने का आरोप लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने भारत सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की और पाकिस्तान का साथ देते हुए दिखे। उन्होंने लोगों से कह लड़ने की हिम्मत रखो वरना तुम्हारा अस्तित्व खत्म कर दिया जाएगा। उनके बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। जानिए क्यों विवाद हो रहा है।
आखिर क्या बोलकर फंसे Farooq Abdullah
पाकिस्तान का जिक्र करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा “वे पूरी तरह से आज़ाद हैं। जब मैंने वे डॉक्यूमेंट्स देखे, तो आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आप उनसे उम्मीद करते हैं कि वे आपको इंसाफ दिलाएंगे? लड़ने की हिम्मत रखो, वरना तुम्हें खत्म कर दिया जाएगा, और तुम्हारी पहचान खत्म हो जाएगी। वे आज दुनिया के प्रेशर की वजह से चुप हैं। हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है। वह हर जगह जाकर कहता है कि कश्मीर का मसला हल नहीं हुआ है। वह हमें बचा रहा है; वरना, भारत के इरादे अच्छे नहीं हैं।”
फारूक अब्दुल्ला पर बीजेपी ने किया तंज
वही इस पर बात करते हुए भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि एक सीनियर पॉलिटिकल लीडर जिसने भारतीय संविधान के तहत शपथ ली है, उसे नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े मामलों पर बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। पड़ोसी देश पर इतना भरोसा है कि उन्हें वहां जाना चाहिए। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में रहने वाले लोग पाकिस्तान के शासन से नाखुश थे और भारत में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इस इलाके में सालों से खून-खराबा, टारगेटेड किलिंग और बेगुनाहों की जान गई है।
पाकिस्तान को लेकर फारूक अब्दुल्ला के बयान पर BJP का कश्मीरियों को ज्ञान
बीजेपी की तरफ से आगे कहा गया कि कश्मीर को आतंकवाद, खून-खराबा, डर और अनिश्चितता के अलावा कुछ नहीं दिया है। पाकिस्तान को कश्मीरियों की रक्षा करने वाली ताकत के तौर पर कैसे दिखाया जा सकता है, जबकि हिंसा में उसकी कथित भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है। इंटरनेशनल फोरम पर कश्मीर का मुद्दा उठाने की पाकिस्तान की कोशिशें कश्मीर के लिए उसकी जिम्मेदारी को खत्म नहीं कर सकतीं। आतंकवाद से होने वाली तकलीफ़। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में लोगों की प्राथमिकताएँ शांति, विकास, रोज़गार, टूरिज़्म और अपने बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य हैं।
BJP ने लगाया बड़ा आरोप
वहीं फारूक अब्दुल्ला पर भाजपा ने आरोप लगाया कि पार्टी के बयानों में अक्सर सालों के संघर्ष और आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बलिदान को स्वीकार नहीं किया जाता। भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक सिस्टम ने जम्मू और कश्मीर के लोगों को अपनी चिंताएं उठाने के लिए राजनीतिक रास्ते दिए। उन्होंने अधिकारियों से अब्दुल्ला की टिप्पणियों की कानून के तहत जांच करने और ज़रूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करने को कहा। जम्मू और कश्मीर को ऐसी राजनीतिक लीडरशिप की ज़रूरत है जो लोगों की भलाई पर ध्यान दे।
फिलहाल राजनीति की दुनिया में फारूक अब्दुल्ला के बयान को लेकर लोग बातें बनाने में पीछे नहीं है।







