रविवार, जून 23, 2024
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Manufacturing PMI: अप्रैल महीने में भारत की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मे आई मामूली गिरावट, 58.8 पर पहुंचा PMI

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Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है। विश्व बैंक ने अपने आउटलुक में अनुमान जताया है कि वित्तिय वर्ष 2025 में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की इकोनॉमी सबसे तेज गति से विकास करेगी।

फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में GDP की तगड़ी छलांग, जानें विकास दर को लेकर क्या है वित्त विभाग की रिपोर्ट?

GDP: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। वित्त विभाग की ओर से दी गई ताजा जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी रही है जो कि पिछले वर्ष से कहीं बेहतर है।

Manufacturing PMI: देश में लगातार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी देखी जा सकती है। मार्च के मुकाबले अप्रैल में पीएमआई नीचे गिर गया है। बता दें कि भारत की विनिर्माण गतिविधि में मार्च के 16 साल के उच्चतम स्तर से अप्रैल में गिरावट देखी गई। भारत का विनिर्माण पीएमआई मार्च में 59.1 से गिरकर अप्रैल में 58.8 पर आ गया है। हालांकि साढ़े 3 साल में परिचालन इसमें दूसरा सुधार देखने को मिला है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई कमी

एचएसबीसी के मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कहा कि अप्रैल महीने में विनिमार्ण पीएमआई परिचालन दूसरा सुधार देखने को मिला है। जो मजबूत मांग को दर्शाता है। वहीं इसके उत्पादन क्षेत्र में भी विस्तार देखने को मिला है। हालांकि मार्च के मुकाबले यह थोड़ा धीमा है। प्रांजुल भंडारी ने आगे कहा कि कच्चे माल और ऊंची लागत के कारण कच्चे माल की लागत में मामलू बढ़ोतरी हुई है

रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल में विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन की दर मध्यम थी, लेकिन वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की शुरुआत में मांग को पूरा करने के लिए कंपनियों द्वारा अधिक श्रमिकों को काम पर रखने के परिणामस्वरूप सितंबर 2023 के बाद यह सबसे तेज थी। सर्वेक्षण के अनुसार, निर्माताओं की परिचालन क्षमता पर थोड़ा दबाव है, जैसा कि बकाया कारोबार की मात्रा में मामूली वृद्धि से पता चलता है।

भारतीय निर्माताओं ने अप्रैल में अपनी बिक्री कीमतें बढ़ा दीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चार्ज मुद्रास्फीति की दर तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जो इसके दीर्घकालिक औसत के बराबर है।

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