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US-Israel-Iran War की दंश झेलेंगे किसान? LPG, ईंधन के बाद DAP उर्वरक की कमी को लेकर चर्चाएं तेज, क्या हो सकता है असर?

US-Israel-Iran War का दंश क्या किसानों को भी झेलना पड़ सकता है? धान की बुआई से पहले डीएपी कमी की आशंका व्यक्त करते हुए इसको लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

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By: Gaurav Dixit

Published: मार्च 30, 2026 10:39 पूर्वाह्न

US-Israel-Iran War
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US-Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में गहराया संकट दुनिया के कई देशों को प्रभावित कर रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल चुकी है। ईंधन कम होने की अफवाहें भी लोगों को पेट्रोल पंपों पर कतार लगाने को मजबूर कर चुकी हैं। अब ताजा खबर डीएपी उर्वरक की कथित कमी को लेकर जुड़ा है।

चर्चाएं तेज हैं कि मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के कारण डीएपी के आयात पर असर पड़ सकता है। हालांकि, सरकारी महकमा ऐसी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति सामान्य होने की बात कह रहा है। वितरक भी किसानों को डीएपी की प्रचूर मात्रा होने का आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में ये लगभग स्पष्ट है कि यूएस-इजरायल-ईरान वॉर का दंश किसानों को नहीं झेलना पड़ेगा।

LPG, ईंधन के बाद DAP उर्वरक की कमी को लेकर चर्चाएं तेज!

बाजार में एक हलचल सी है। तमाम चौक-चौराहों पर पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। लोगों के चेहरे पर शिकन है और सभी अपने-अपने हिस्से का ज्ञान रख रहे हैं। इसी बीच डीएपी उर्वरक की कमी चर्चा का विषय बनी है। दरअसल, अभी धान की बुआई का सत्र शुरू होगा। उस दौरान किसानों के लिए यूरिया के साथ डीएपी का इस्तेमाल भी बेहद अहम होता है।

डीएपी उर्वरक फसलों की जड़ को मजबूती देता है। हालांकि, भारत अपनी जरूरत के 60 फीसदी से अधिक डीएपी का आयात चीन, सऊदी अरब, मोरक्को, रूस और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से करता है। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के कारण एलपीजी और कच्चे तेल का आयात प्रभावित हुआ था। यही वजह है कि अब डीएपी का आयात प्रभावित होने की आशंका लोग व्यक्त कर रहे हैं। इसी को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

क्या कृषि जगत पर हो सकता है असर?

ये सवाल हालिया स्थिति को मद्देनजर रखते हुए पूछा जा रहा है। दरअसल, भारत में किसानों की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में यूरिया का उत्पादन होता है। हालांकि, डीएपी उर्वरक के लिए भारत आयात पर निर्भर है। ऐसे में हालिया वैश्विक समीकरण आयात प्रभावित होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के कारण भारत में भी कच्चे तेल और एलपीजी के आयात पर असर देखने को मिल चुका है।

स्थिति अब सामान्य हो चुकी है और निर्बाध आपूर्ति का दौर जारी है। इस ताजा समीकरण को देखते हुए कृषि जगत के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि, सरकारी महकमा ऐसी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए किसानों तक डीएपी की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दे रहा है। ऐसे में डीएपी की कमी के कारण भारतीय कृषि जगत के प्रभावित होने की संभावना नाम मात्र भी नहीं है।

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Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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