CM Yogi Adityanath: 22 फरवरी से 26 फरवरी तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ जापान और सिंगापुर दौरे पर थे। बता दें कि यह दौरा काफी सफल रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इससे जुड़ी जानकारी देते हुए कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि 90 हजार करोड़ रूपये के एमओयू जापान के अंदर और 60 हजार करोड़ के MoU सिंगापुर में हुए हैं। गौरतलब है कि कई क्षेत्रों में भी काफी समझौते हुए है। जो आने वाले समय में यूपी के लिए एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। समझौते के बाद सीएम योगी ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। चलिए आपको बताते है सिंगापुर, जापान दौरे की बड़ी उपलब्धियां।
जापान, सिंगापुर एमओयू पर क्या बोले सीएम योगी आदित्यनाथ
मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “मुझे प्रसन्नता है कि ₹90 हजार करोड़ के MoU जापान के अंदर और ₹60 हजार करोड़ के MoU सिंगापुर में हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में स्केल है, लैंड बैंक है और निवेश के लिए सेक्टोरियल पॉलिसीज भी हैं। मेरा मानना है कि अगर यह डेढ़ लाख करोड़ रुपये के एमओयू जमीनी स्तर पर साकार होते हैं, तो इनके माध्यम से पांच लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं।
यामानाशी प्रांत के माननीय गवर्नर अगस्त में जापान के 200 CEOs के साथ उत्तर प्रदेश आ रहे हैं, जो निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए यूपी के साथ मिलकर कार्य करने के इच्छुक हैं। ऐसे ही, सिंगापुर से भी बड़े पैमाने पर एक बिजनेस डेलिगेशन उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक है।… pic.twitter.com/GZF5OtcljK
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) February 26, 2026
यामानाशी प्रांत के माननीय गवर्नर अगस्त में जापान के 200 CEOs के साथ उत्तर प्रदेश आ रहे हैं, जो निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए यूपी के साथ मिलकर कार्य करने के इच्छुक हैं। ऐसे ही, सिंगापुर से भी बड़े पैमाने पर एक बिजनेस डेलिगेशन उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक है। यह सभी कार्यक्रम उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों में मील का पत्थर साबित होंगे”।
उन्नत रेल तकनीक पर जोर – CM Yogi Adityanath
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने जापान में रेल यात्रा की थी जिसकी स्पीड 501 किलोमीटर प्रतिघंटे की थी। सीएम योगी का जर्मनी दौरा उत्तर प्रदेश में निवेश संवर्धन और उन्नत रेल तकनीक के विस्तार को नई दिशा प्रदान करेगा। औद्योगिक बैठकों के माध्यम से निवेश, रक्षा सहयोग तथा आधुनिक रेल अवसंरचना के विस्तार को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा एवं प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और अधिक सशक्त होगी। इसके अलावा हाइड्रो प्रोजेक्ट पर भी सहमति बनी।






