CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करना है।
सरकार की इस पहल से हजारों अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने से विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
इन पदों पर निकलेंगी भर्तियां
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये भर्तियां समग्र शिक्षा और प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत स्थापित स्कूलों के लिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 163 संस्थानों में से 121 हाई स्कूल और 42 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं। इस प्रस्ताव में 420 लेक्चरर (PGT) और 924 LT ग्रेड (असिस्टेंट टीचर) के पद शामिल हैं, जिससे कुल 1,344 नई टीचिंग पोस्ट बनेंगी। इसमें इंटरमीडिएट कॉलेजों के लिए 42 प्रिंसिपल और हाई स्कूलों के लिए 121 हेडमास्टर के पद बनाने का भी प्रस्ताव है। प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए, विभाग ने 174 जूनियर असिस्टेंट पदों के लिए भी मंज़ूरी मांगी है।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
योगी सरकार लगातार सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा और शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा। शिक्षक भर्ती लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।
प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में रिक्त पदों को भरने से एक ओर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।







