Noida International Airport: देश के सबसे चर्चित और एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के उद्घाटन का इंतजार जल्द ही खत्म होने जा रहा है। जेवर में स्थिति नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डीजीसीए की तरफ से ग्रीन सिग्ननल मिल चुका है। जिसके बाद अब अब इसके उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई है। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से एक कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी गई है।
जिसके बाद यात्रियों के बीच एक अलग उत्साह देखने को मिल रहा है। बता दें कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने से यात्रियों को फायदा तो पहुंचेगा ही, साथ ही दिल्ली एयरपोर्ट का भी दवाब कम होने की उम्मीद है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
इस तारीख को होगा Noida International Airport का उद्घाटन
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनात ने कहा कि “हमने प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण भेजा है और उनसे अनुरोध किया है कि वे 28 मार्च को जेवर हवाई अड्डे का उद्घाटन करें”। हालांकि पीएमओ की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर हामी नहीं भरी गई है। लेकिन मान जा रहा है कि एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 या 29 मार्च तक हो सकता है।
#WATCH | Lucknow | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says,” We have sent an invitation to PM Modi requesting him to inaugurate Jewar airport on March 28…” pic.twitter.com/mHOGmbCwMS
— ANI (@ANI) March 18, 2026
गौरतलब है कि यह एयरपोर्ट यूपी की अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के कई शहरों के लिए भी यह एयरपोर्ट एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के यात्री भी आसानी से इस एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। यानि कुल मिलाकर एयरपोर्ट शुरू होते है यूपी नए विकास के रूप में उभरेगा।
इन शहरों के बीच फ्लाइटों का होगा संचालन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द ही उड़ान संचालन शुरू होने जा रहा है, और शुरुआती चरण में कई बड़े शहरों से कनेक्टिविटी दी जाएगी। वहीं अगर शहरों की बात करें तो इसमे मुंबई, बेंगलुरू, लखनऊ, हैदराबाद, देहरादून, हुबली से फ्लाइटों का संचालन शुरू हो सकता है।
हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी इसकी लिस्ट जारी नहीं की गई है। लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही यहां से उड़ाने संचलित की जाएंगी। माना जा रहा है कि हले फेज में लगभग 150 उड़ानें रोज़ संचालित हो सकती हैं। इसके अलावा शुरुआत में घरेलू उड़ानों का हिस्सा ज्यादा (90%+) रहेगा।






