Health Tips: सुविधा और समय को बचाने के लिए लोगों के द्वारा तेजी से माइक्रोवेव और एयर फ्रायर का इस्तेमाल किया जा रहा है। फटाफट टेस्टी फूड बनाने के लिए हम सभी इसका इस्तेमाल तो कर रहे हैं। लेकिन इनमें बनने वाले खानों के पोशक तत्व खत्म हो जाते हैं, इससे अंजान हैं। लेकिन क्या आपको बता है, अगर इन दोनों इलेक्ट्रोनिक डिवाइस का सही तरीके से इस्तेमाल करेंगे तो इनके दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। इसकी जानकारी फेमस कैंसर के डॉक्टर तरंग कृष्णा दे रहे हैं।
माइक्रोवेव में प्लास्टिक बर्तनों को रखने से बचें
हेल्थ एक्सपर्ट तरंग कृष्णा का कहना है कि, माइक्रोवेव में कभी भी प्लास्टिक के बर्तनों का यूज नहीं करना चाहिए। प्लास्टिक गर्म होने पर केमिकल छोड़ता है। इसकी जगह कांच या सिरेमिक बर्तनों का यूज किया जा सकता है।
माइक्रोवेव में कैसा खाना बनाएं?
माइक्रोवेव का इस्तेमाल सिर्फ खाना गर्म करने के लिए ही करना चाहिए। इनमें कभी भी खाना नहीं बनाना चाहिए। पूरी कुकिंग हेल्थ को खराब कर सकती है।

एयर फ्रायर को कितनी डिग्री तक गर्म रखना चाहिए
डॉक्टर का कहना है कि, एयर फ्रायर का जब भी इस्तेमाल करें इसका तापमान 180°C से कम रखें। ऐसा करने से खाने में पोषक तत्व बने रहते हैं।
एयर फ्रायर में भोजन कब तक पकाना चाहिए
एयर फ्रायर में भोजन का रंग केवल गोल्डन होने तक ही पकाएं। इन्हें कभी भी डार्क ब्राउन होने तक बनाना कैंसर पैदा करने वाले तत्वों को बढ़ा सकता है।
एयर फ्राई में आलू पकाने से पहले क्या करें?
आलू या कोई भी स्टार्च वाली चीज एयर फ्राई करने से पहले उसे 30 मिनट पानी में भिगोकर रखें। ऐसा करने से खाने में एक्रिलामाइड नाम का हानिकारक केमिकल बहुत कम बनता है। ये आप को गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






