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Health Tips: शुगर कंट्रोल करने से लेकर हड्डियों के सूजन तक में रामबाण हैं ये 2 पत्ते, बीमारियों से रहना है दूर तो जरूर करें ट्राई

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Health Tips: अंग्रेजी दावाओं और देसी औषधि के बीच अकसर तुलना  की जाती है. देसी दवाओं के ना के बराबर साइड इफेक्ट होते हैं. इसीलिए प्राचीन काल से इनका सेवन किया जाता है. कुछ गंभीर बीमारियों में ये बहुत  काम भी आती हैं. इसी तरह नीम और तुलसी के दो ऐसे औषधिए गुणों से भरे हुए पत्ते हैं, अगर इनका सेवन नियमित रुप से किया जाए तो डायबिटीज और हड्डियों के दर्द में भी बहुत ही लाभ मिलता है. इनके फायदे देश के जाने-माने डॉक्टर बिमल छड़ेडा बता रहे हैं. ये काफी लाभकारी होते हैं.

Health Tips: नीम के पत्तों के फायदे

बिमल छड़ेडा नीम के पत्तों के फायदे गिनाते हुए कह रहे हैं कि, नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं. जिसके कारण ये स्किन की हेल्थ के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं.

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वीडियो क्रेडिट: SAAOL Heart Center

नीम के पत्तों का पानी अगर पिया जाए तो ये बॉडी को डिटॉक्स करते हुए शरीर की गंदगी को बाहर निकालते हैं. सुबह खाली पेट नीम की कोमल पत्तियां चबाने से ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल रहता है.  इनसे पाचन संबंधी बीमारियों को भी ठीक किया जा सकता है. वहीं, दांतों की सफाई के लिए बहुत अच्छे होते हैं. नीम की छाल से लेकर पत्ते और जड़ सबकुछ हेल्थ के लिए बहुत अच्छे होते हैं.

तुलसी के पत्तों के फायदे

तुलसी अनेक प्रकार के गुण होते हैं. आयुर्वेद में तुलसी को अमृत बताया गया है. तुलसी में विटामिन C और जिंक होता है. इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है. जिसके कारण गंभीर बीमारियों से दूर रहती है.  तुलसी का रोजाना सेवन किया जाए तो इसके  एंटी-बैक्टीरियल गुण सर्दी, खांसी, बुखार और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों को भी ठीक करते हैं. तुसली में एडाप्टोजेन होता है, ये डिप्रेशन को ठीक करता है. तुलसी के पत्तों का सेवन  शुगर लेवल को  ठीक करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल  को खत्म करता है. ये हड्डियों और पाचन संबंधी बीमारियों में भी बेहद फायदेमंद होते हैं. तुलसी के पत्तों का सेवन कच्चा तोड़कर तुरंत चबाकर भी कर सकते हैं. इसके साथ ही पानी में उबालकर भी कर सकते हैं.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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