Kidney Health: किडनी शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। इसका काम ब्लड को छानकर गंदगी को पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकालना है। ये शरीर में जाने वाल किसी भी तरह के लिक्विड को बैलेंस करती हैं। वहीं, ब्लड में आरसीबी बनाने से लेकर हड्डियों को मजबूत करना भी इसी का काम है। लेकिन अगर खराब खान-पान और खराब आदतें हो तो ये बहुत जल्दी डैमेज भी हो जाती हैं। जिसकी वजह से पूरा शरीर प्रभावित होता है। इसीलिए हेल्थ एक्सपर्ट सलीम जैदी के द्वारा कुछ ऐसी आदतें बताई जा रही हैं, जिन्हें 30 साल की उम्र के बाद तुरंत छोड़ देना चाहिए।
Kidney Health के लिए जहर हैं ये चीजें
हेल्थ एक्सपर्ट सलीम जैदी का कहना है कि, 30 साल के बाद किडनी की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। शुरुआती दौर में ये कोई लक्षण नहीं देती हैं।
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लेकिन जब स्थिति बिगड़ती है तो ठीक कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसीलिए पहले से ही कुछ आदतों पर नियंत्रण करना चाहिए। इसीलिए रोजाना चीनी और मैदे से बनी चीजों को खाना कम करना है। रोजाना चाय-बिस्किट और कोल्ड ड्रिंक धीरे-धीरे किडनी को खराब कर सकती हैं। इसी की वजह से ब्लड शुगर बिगड़ता है और सीधे किडनी पर असर डालता है। इससे किडनी फेलियर का खतरा बढ़ता है।
घंटों तक बैठने से बचें
अगर आप चाहते हैं, कि किडनी हमेशा ठीक रहे तो रोजाना कुछ ना कुछ एक्सरसाइज जरुर करनी है।घंटों तक बैठने वालों में किडनी की समस्या बहुत अधिक होती है। एक ही जगह पर काफी देर तक बैठे रहने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ जाता है। इसके साथ ही मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों को कंट्रोल करना
हमारी बॉडी के लिए मुश्किल होता जाता है।
इन बीमारियों में भूलकर भी ना खाएं दवाई
छोटे-मोटे दर्द पर दवाई खाने से बचना चाहिए। अगर आप भी बुखार, बॉडी और सिर दर्द की दवा बिना डॉक्टर की सलाह के ले रहे हैं तो सावधान होने की जरुरत है। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि,अगर बार-बार और लंबे टाइम तक इन पेन किलर्स को लिया जाए तो रिसर्च कहती है कि इससे किडनी डैमेज का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। खासतौर से उन लोगों में जिनको पहले से ब्लड प्रेशर या फिर शुगर हाई है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेन किलर्स मत लिया करो।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







