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Osteoarthritis vs Rheumatoid Arthritis: ऑस्टियोआर्थराइटिस vs रुमेटीइड गठिया, जानें इसके लक्षण, कारण और मैनेजमेंट की पूरी डिटेल

Osteoarthritis vs Rheumatoid Arthritis: गठिया यानि (आर्थराइटिस) बेहद आम है, खासकर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में होता है

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By: Anurag Tripathi

Published: अप्रैल 16, 2024 8:30 पूर्वाह्न

Osteoarthritis vs Rheumatoid Arthritis
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Osteoarthritis vs Rheumatoid Arthritis: गठिया यानि (आर्थराइटिस) बेहद आम है, खासकर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह बिमारी होती है। यह जोड़ों में दर्द, कठोरता और सूजन का कारण बनता है। गठिया एक ऐसी बीमारी है जो आपके जोड़ों को नुकसान पहुंचाती है। जोड़ आपके शरीर में वे स्थान हैं जहाँ दो हड्डियाँ मिलती हैं। गठिया के 100 से अधिक विभिन्न प्रकार हैं। लेकिन हम 2 सबसे आम आर्थराइटिस बिमारी रूमेटॉइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोऑर्थराइटिस के बारे में जानेंगे। आईए आपको बताते है कि गठिया कितने प्रकार की होती है? इसके लक्ष्ण कारण बचाव क्या है।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस क्या है?

रूमेटॉइड आर्थराइटिस से जोड़ो की परत को नुकसान होता है। आपको बता दें कि रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शरीर की इम्युनिटी सिस्टम शरीर पर हमला कर देती है। गौरतलब है कि जोड़ो की परतों को क्षति पहुंचने की वजह से जोड़ो में दर्द और सूजन जैसे समस्या हो जाती हैं।

ऑस्टियोऑर्थराइटिस आर्थराइटिस क्या है?

ऑस्टियोआर्थराइटिस तब होता है जब आपके जोड़ों में ऊतक जो आपकी हड्डियों को सहारा देता है घिस जाता है। दर्द तब होता है जब हड्डी हड्डी से रगड़ती है। इस प्रकार का गठिया दर्द कई महीनों या वर्षों में धीरे-धीरे और रुक-रुक कर विकसित होता है।

कैसे जानें कि आपको ऑस्टियोआर्थराइटिस या रुमेटीइड गठिया है?

रुमेटीइड गठिया और ऑस्टियोआर्थराइटिस दोनों जोड़ों में दर्द और कठोरता के सामान्य कारण हैं। लेकिन उनके अलग-अलग कारण हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस में, सूजन और चोट समय के साथ आपकी उपास्थि को तोड़ देती है। रुमेटीइड गठिया में, आपकी इम्युन सिस्टम आपके जोड़ों की परत पर हमला करती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस के 4 चरण क्या हैं?

ऑस्टियोआर्थराइटिस के चार चरण होते हैं। इनमे शुरूआती, हल्का, मध्यम और गंभीर।

शुरूआती चरण – जोड़ों में मामूली टूट-फूट प्रभावित क्षेत्र में बहुत कम या कोई दर्द नहीं।

हल्का चरण – मरीजों को ब्रेस की आवश्यकता हो सकती है। प्रभावित क्षेत्र कठोर महसूस होता है।

मध्यम चरण – जोड़ में सूजन हो जाती है और सामान्य गतिविधियों के दौरान असुविधा होती है।

गंभीर चरण – मरीज को जोड़ो में बहुत दर्द होता है।

ऑस्टियोऑर्थराइटिस आर्थराइटिस के लक्षण

●दर्द और अकड़न।

●जोड़ों में सूजन।

●जोड़ को हिलाने पर उसमे से आवाज आना।

●जोड़ उस तरह से काम नहीं करता जैसा उसे करना चाहिए।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस के लक्षण?

●एक से अधिक जोड़ों में दर्द, सूजन, कठोरता और कोमलता।

●अकड़न, विशेषकर सुबह के समय या लंबे समय तक बैठने के बाद।

●आपके शरीर के दोनों तरफ समान जोड़ों में दर्द।

●थकान।

●बुखार।

ऑस्टियोऑर्थराइटिस आर्थराइटिस का कारण

●उम्र बढ़ना।

●अधिक वजन या मोटापा होना।

●किसी जोड़ पर चोट या सर्जरी होना या चोट लगना।

●जोड़ की बार-बार होने वाली हरकतों से अति प्रयोग।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस का कारण

रुमेटीइड गठिया का सटीक कारण का अभी तक पता नही चला है। लेकिन शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि यह आनुवंशिकी, हार्मोन और पर्यावरणीय कारकों के कारण होता से हो सकता है। इसके अलावा संक्रमण, धूम्रपान या शारीरिक या भावनात्मक तनाव इसका कारण हो सकता है।

ऑस्टियोऑर्थराइटिस आर्थराइटिस का इलाज

●अधिक वजन वाले रोगियों के लिए वजन कम करना

●शारीरिक चिकित्सा

●व्यायाम कार्यक्रम

●सर्जरी आमतौर पर गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अंतिम उपाय है जो किसी व्यक्ति की गतिविधियों को महत्वपूर्ण रूप से सीमित कर देता है और जो अन्य उपचारों पर प्रतिक्रिया नहीं करता है।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस का इलाज

रुमेटीइड गठिया के उपचार में जीवनशैली में बदलाव, उपचार, दवा और सर्जरी शामिल हैं। उपचार का निर्णय लेते समय आपका डॉक्टर आपकी उम्र, स्वास्थ्य, चिकित्सा इतिहास और आपके लक्षण कितने बुरे हैं, इस पर विचार करता है।

Disclaimer: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में उल्लिखित तरीकों और दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, डीएनपी इंडिया उनकी पुष्टि या खंडन नहीं करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार पर अमल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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