Colon Cancer: कोलन कैंसर के मामले लगातर बढ़ रहे हैं। ये बड़ी आंत और मलाशय से जुड़ा कैंसर है। शुरुआती चरणों में कोलन कैंसर के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसीलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। जब बीमारी बढ़ती है, तो पेट और पाचन से जुड़े लक्षण दिखने लगते हैं। अधिकांश मामलों में इसका खुलासा 10 साल बाद होता है। इसीलिए इस कैंसर से बचने के लिए सही डाइट का लेना बहुत जरुरी है। इसकी जानकारी फेमस गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी दे रहे हैं। उनका कहना है कि, कोलन कैंसर का कारण अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स, प्रोसेस्ड मीट, फाइबर की कमी, मीठे ड्रिंक्स के सेवन के साथ स्क्रीनिंग ना कराना है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से बनाएं दूरी
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी का कहना है कि, कोलन कैंसर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का अधिक सेवन करने से हो सकता है। इसमें चिप्स, रेडी-टू-ईट मील्स और रिफाइंड कार्ब्स आदि शामिल है। ये आंतों को सीधे प्रभावित करते हैं।
Colon Cancer का खतरा रेड मीट बढ़ाता है
वहीं, रेड मीट भी सीमित मात्रा में खाने की सलाह दे रहे हैं। अगर आप बेकन, पेपरोनी, हॉट डॉग और डेली मीट खाते हैं तो सावधान हो जाएं। ये भविष्य में कोलन कैंसर का कारण बन सकते हैं।
फाइबर की कमी
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, जिन लोगों की डाइट में फाइबर की कमी होती है। उनके लिए खतरे की घंटी हैं।फाइबर की भारी कमी इस जानलेवा बीमारी को दावत देती है। उनका कहना है कि,जो लोग अपने आहार में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल नहीं करते, उनकी आंतों का स्वास्थ्य खराब होता है। ये आगे चलकर कोलन कैंसर का रुप ले सकता है।
मार्केट में मिलने वाली मीठी और एनर्जी ड्रिंक करती हैं आंते खराब
मार्केट में मिलने वाली मीठी और एनर्जी ड्रिंक भी आंतों को प्रभावित करती हैं। इसीलिए सोडा, पैकेज्ड जूस और कोल्ड ड्रिंक का सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। ये शरीर का वजन बढ़ाते हैं। इसके साथ ही आंतों में सूजन भी पैदा करते हैं।
स्क्रीनिंग ना कराना
डॉक्टर सेट्टी का कहना है कि, कोलन कैंसर लगभग 10 सालों तक बिना किसी लक्षण के चुपचाप बढ़ता है। लक्षण दिखने का इंतजार करना सबसे बड़ी गलती है। इसीलिए लक्षणों का बिना इंतजार किए साल में एक बार स्क्रीनिंग जरुर कराएं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






