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Chanakya Niti: ऐसी महिलाएं करती हैं घर और परिवार की रक्षा, जीवन में नहीं आने देती कोई भी मुसीबत

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ख्याति प्राप्त विद्वान थे। ये नीति और शास्त्र के ज्ञानी थे। इसलिए जीवन को आसान बनाने के लिए नीतियां लिखा करते थे। आचार्य चाणक्य पेशे से अर्थशास्त्री थे। इसके अलावा आचार्य नीतिकार और सलाहकार भी थे। आचार्य से सभी राजा महाराजा शिक्षा प्राप्त किया करते थे। इसके बाद ही राजा महराजा ...

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By: Sriya Sri

Published: जनवरी 12, 2023 11:04 पूर्वाह्न

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ख्याति प्राप्त विद्वान थे। ये नीति और शास्त्र के ज्ञानी थे। इसलिए जीवन को आसान बनाने के लिए नीतियां लिखा करते थे। आचार्य चाणक्य पेशे से अर्थशास्त्री थे। इसके अलावा आचार्य नीतिकार और सलाहकार भी थे। आचार्य से सभी राजा महाराजा शिक्षा प्राप्त किया करते थे। इसके बाद ही राजा महराजा अपनी प्रजा पर राज करते थे। आज के समय में आचार्य सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। आचार्य की नीतियों को अपनाने के बाद लोगों को जीवन जीने में आसानी होती है।

आचार्य ने अपनी नीति में जीवन में हो रही घटनाओं को दर्शाया है। आचार्य महिला एवं पुरुषों के व्यक्तित्व को भी अपनी नीति में दर्शाया है। इन्होंने कई सारे गुणों की व्याख्या की है। इसमें इन्होंने 4 चीजों के विषय में विस्तार से बताया है। तो आइए जानते हैं आचार्य कहती है आचार्य की नीति।

इस श्लोक में आचार्य ने किया है व्याख्या

वित्तेन रक्ष्यते धर्मो विद्या योगेन रक्ष्यते ।
मृदुना रक्ष्यते भूपः सत्स्त्रिया रक्ष्यते गृहम् ॥

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इस श्लोक से क्या निकलता अर्थ

आचार्य चाणक्य ने कई सारी चीजों को अपनी नीति में विस्तार से बताया है। आचार्य कहते हैं कि धर्म की रक्षा धन से ही की जाती है। धर्म की रक्षा के लिए धन की आवश्यकता होती है। धर्म, कर्म करने के लिए धन की जरूरत होती है। वहीं विद्या को योग के द्वारा के द्वारा ही बचाया जा सकता है। जब तक व्यक्ति योग साधना नहीं करेगा तब तक विद्या की रक्षा नहीं की जा सकती है।

आचार्य ने विस्तार से बताया है कि राजा की रक्षा उसके मधुर बोली से ही की जा सकती है। मधुर और सज्जन व्यवहार रखने से ही राजा अपनी रक्षा कर सकता है। वहीं घर की रक्षा एक स्त्री ही कर सकती है। स्त्री के बिना घर का रक्षा करना मुमकिन नहीं है। स्त्री अपने सतीत्व को ध्यान में रखते हुए पूरे घर परिवार को जोड़कर रखती है। वहीं स्त्री से ही कुल परिवार की रक्षा होती है। इन सारी चीजों की व्याख्या आचार्य ने अपनी नीति में किया है।

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Sriya Sri

मेरा नाम श्रीया श्री है। मैं पत्रकारिता अंतिम वर्ष की छात्रा हूं। मुझे लिखना बेहद पसंद है। फिलहाल मैं डीएनपी न्यूज नेटवर्क में कंटेंट राइटर हूं। मुझे स्वास्थ्य से जुड़ी कई चीजों के बारे में पता है और इसलिए मैं हेल्थ पर आर्टिकल्स लिखती हूं। इसके अलावा मैं धर्म, लाइफस्टाइल, एस्ट्रोलॉजी और एजुकेशन के विषय में भी आर्टिकल लिखती हूं।
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