HPV Vaccine: सर्वाइकल कैंसर के रोकथाम के लिए भारत सरकार की तरफ से एचपीवी वैक्सीन का कैंपेन चलाया जा रहा है जहां 14 साल की लड़कियों के लिए मुफ्त में वैक्सीन बांटे जा रहे हैं। इस वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं कि क्या यह सुरक्षित है। इस सबके बीच डॉक्टर सुगंधा ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए बताया कि आखिर क्या है सच्चाई और क्यों वैक्सीन पर सवाल उठ रहे हैं। इसके कमेंट में लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर डॉक्टर ने क्या शॉकिंग चीज कहा है एचपीवी वैक्सीन को लेकर जो चर्चा में है।
HPV Vaccine सर्वाइकल कैंसर की जंग में किस कदर है सुरक्षित
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भारत सरकार की तरफ से सर्वाइकल कैंसर की जंग 14 साल से अधिक उम्र की लड़कियों के लिए फ्री वैक्सीनेशन की मुहिम जारी है और ऐसे में इसकी गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। जहां इसे घातक बताया जा रहा है। हालांकि डॉक्टर सुगंधा ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ ऐसा कहा जो चर्चा में है। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित है या नहीं इसके लिए लोगों को जरूरी प्रमाण पत्र देना आवश्यक है तभी इस पर कोई भी ठोस कदम उठाए जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए डॉक्टर सुगंधा ने कहा असल में किसी को नहीं पता कि सच में एचपीवी वैक्सीन या कोई भी वैक्सीन सेफ है या नहीं।
क्या वाकई एचपीवी वैक्सीन आपके लिए है खतरा
एचपीवी वैक्सीन को लेकर बात करते हुए डॉक्टर सुगंधा कहती है कि उन्हें कोई भी वैक्सीन बचपन में नहीं लगी थी फिर भी वह स्वस्थ है। कभी कबार कुछ परेशानियां होती है लेकिन वह नॉर्मल है। ऐसे में बिना पता किए ऐसे एचपीवी वैक्सीन की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता क्योंकि जो लोग इसके खिलाफ है वह भी अपनी प्रामाणिकता दे और जो इससे बेहतर बता रहे हैं वह भी सबूत के बिना नहीं बात कर सकते। इसके साथ ही डॉक्टर ने यह भी कहा की 2010 में 24000 लड़कियों को वैक्सीन लगी थी जिसमें से 7 की मौत हो गई।
वैक्सीन को लेकर डॉक्टर ने क्यों उठाया सवाल
अगर डेथ रेट की बात करें तो यह 0.03% है। इंफेक्शन या कोई प्रॉब्लम से और हुई भी तो किसी की दो-तीन हफ्ते बाद किसी की दो-तीन महीने बाद किसी की 7 से 8 महीने बाद तो इसका कोई भी लिंक वैक्सीन नहीं पाया गया है। मुझे सबसे ज्यादा प्रॉब्लम है वैक्सीन का मैंडेटरी क्यों है लोगों को लगता है यह हमारी फ्रीडम को छीनने की कोशिश की जा रही है और इसमें कुछ पचड़ा हो सकता है। कहा नहीं जा सकता क्योंकि हम गवर्नमेंट के खिलाफ बिना सबूत के नहीं जा सकते।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






