Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल में आगामी निकाय चुनावों से पहले सियासी हलचल तेज होती जा रही है। इसी बीच एक बार फिर बैठक की, नेता प्रतिपक्ष Ritabrata Banerjee ने बागी विधायकों के साथ पार्षदों के साथ बैठत की। बता दें कि रिताब्रता बनर्जी के गुट ने शनिवार को एक हफ़्ते के अंदर कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व पार्षदों के साथ अपनी दूसरी बैठक की।
इससे नगर निकाय चुनावों से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। वहीं अब इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि क्या क्या बागी विधायक जल्द टीएमसी पार्टी पर दावा कर सकते है।
बैठक के बाद क्या बोले बागी विधायक संदीपन साहा
बागी विधायकों की बैठक के बाद बागी विधायक संदीपन साहा ने कहा कि “हमने अपने संगठन को मज़बूत करने के लिए कोलकाता में एक बैठक की। कोलकाता नगर निगम के पार्षद इसमें शामिल हुए।
#WATCH | Kolkata: TMC MLA Sandipan Saha says, “We held a meeting in Kolkata to strengthen our organisation. Councillors of the Kolkata Municipal Corporation had come… We are the main opposition party; most MLAs are with us, and former councillors are with us. Those who have… pic.twitter.com/8fVNMnxoU4
— ANI (@ANI) June 27, 2026
हम मुख्य विपक्षी पार्टी हैं; ज़्यादातर विधायक और पूर्व पार्षद हमारे साथ हैं। जो लोग नेतृत्व करते रहे हैं, वे भी हमारे साथ हैं। इससे यह साफ़ हो जाता है कि भविष्य में TMC का नेतृत्व कौन करेगा। राज्य में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड पर उन्होंने कहा, “पहले यह बिल आने दीजिए, फिर हम इस पर बात करेंगे। हम विधानसभा में निश्चित रूप से इसका विरोध करेंगे।”
निकाय चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
सूत्रों के मुताबिक, आगामी नगर निकाय चुनाव को देखते हुए कई ऐसे विधायक और नेता एक मंच पर आए, जो लंबे समय से संगठन में अपनी भूमिका को लेकर असंतोष जाहिर कर रहे थे। बैठक का उद्देश्य संगठन के भीतर संवाद बढ़ाना और चुनावी रणनीति को लेकर विचार-विमर्श करना बताया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की बैठकों को विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों गंभीरता से देख रहे हैं, क्योंकि इनका असर स्थानीय चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ टीएमसी की तरफ से बागी विधायकों को लेकर कार्रवाई की बात की जा रही है।






