Viral Video: आवारा कुत्तों के आतंक और इनसे परेशान लोगों की वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर सामने आती रहती हैं। लेकिन महाराष्ट्र के नासिक में जो कुछ भी हुआ वो लोगों को हजम नहीं हो रहा है। दरअसल, यहां पर स्थानीय लोग आवारा कुत्तों को बोरी में भरकर प्रशासन के पास पहुंच गए और अधिकारी की टेबल पर इन्हें छोड़ दिया। उनका कहना था कि, कई बार शिकायत करने के बाद भी ऑफिसर ने जब नहीं सुना तो उन्होंने एक ऐसा एक्शन लिया। जिसने लोगों को दो धड़ों में बांट दिया। कुछ लोगों ने इस सोए हुए अधिकारियों को जगाने का सबसे अच्छा तरीका बताया तो वहीं, कुछ लोगों ने इसे जानवरों के साथ सबसे बड़ी क्रूरता बताया है। नासिक के निफाड नगर पंचायत की है। इसे युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे ने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया है। उन्होंने चीफ ऑफिसर धीरज भामरे के ऑफिस में पहुंचकर इस घटना को अंजाम दिया।
अधिकारियों को जगाने के लिए टेबल पर छोड़ पिल्ले
नगर पंचायत के दफ्तर में पहुंचकर चीफ ऑफिसर धीरज भामरे की टेबल पर पिल्ले छोड़ने वाले युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे के वायरल वीडियो को Ruby Arun रूबी अरुण नाम के एक्स हैंडल से अपलोड किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘ आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए नासिक के निफाड नगर पंचायत के कुछ लोग, बोरे में आवारा कुत्तों को भर के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे के ऑफिस में गए और उनके टेबल पर उन कुत्तों को बोरे से निकल कर उड़ेल दिया।
देखें वीडियो
आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए #नाशिक के निफाड नगर पंचायत के कुछ लोग, बोरे में आवारा कुत्तों को भर के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे के ऑफिस में गए और उनके टेबल पर उन कुत्तों को बोरे से निकल कर उड़ेल दिया.
नाशिक की युवा सेना के जिलाध्यक्ष विक्रम रंधावे के नेतृत्व में यह आक्रामक विरोध किया गया.
इन नागरिकों का आरोप है कि निफाड शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ये कुत्ते कई नागरिकों को काट चुके हैं. बार-बार शिकायतें और लिखित आवेदन देने के बावजूद प्रशासन ने इस समस्या पर अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है.— Ruby Arun रूबी अरुण (@arunruby08) September 16, 2026
नासिक की युवा सेना के जिलाध्यक्ष विक्रम रंधावे के नेतृत्व में यह आक्रामक विरोध किया गया। इन नागरिकों का आरोप है कि निफाड शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ये कुत्ते कई नागरिकों को काट चुके हैं. बार-बार शिकायतें और लिखित आवेदन देने के बावजूद प्रशासन ने इस समस्या पर अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। ‘
Viral Video देख यूजर्स की बंटी राय
अधिकारियों को जगाने के इस अनोखे तरीके को जब लोगों ने देखा तो उनमें बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने इस जानवरों के साथ क्रूरता बताया तो कुछ ने इसे सबसे अच्छा जुगाड़ बताया है। एक यूजर लिखता है, ‘ये अच्छा है विरोध करने का सबके सब कामचोर भरे पड़े हैं हरेक जगह की यही कहानी है।’ दूसरा लिखता है, ‘किसी बेजुबान को इस तरह बंद करना कितना सही है। इसी तरह अगर इसी इंसान को या इसके बच्चे को बोर में बंद करके रखे तो तब पता चलेगा कि दम घुटना क्या होता है। ‘वहीं, काफी सारे लोग इसे जानवरों के प्रति क्रूरता बता रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।







