Viral Video: लड़कियों की सुरक्षा के लिए सरकार हर तरफ से प्रयासरत है और ऐसे में उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए काम किया जा रहा है। कानून और सरकार दोनों लड़कियों को हर संभव मदद प्रदान करने के लिए एकजूट है। बावजूद इसके कई दफा उन्हें दरिंदगी का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो उनके साथ कुछ ऐसा होता है जिससे शायद वह खुद भी अनजान होती हैं। एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर फिलहाल वायरल हो रहा है जहां ट्रेन में कथित तौर पर एक लड़की के साथ शर्मनाक हरकत की गई जिसका शायद उस लड़की को अंदाजा भी नहीं था।
व्यूज के नाम पर किया जा रहा लड़कियों का इस्तेमाल
सर जी @Uppolice यह कोई नीतीश जाटव नाम की इंस्टाग्राम आईडी है
ये ट्रेन में लड़कियों के वीडियो बनाकर उनको अश्लील गानों के साथ अपलोड करता है
इस पर कड़ी कार्रवाई हो pic.twitter.com/35CSAIpvql
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) June 15, 2026
कथित तौर पर यह वायरल वीडियो किसी ट्रेन का बताया जा रहा है जिसके कैप्शन में पूरी जानकारी दी गई और यूपी पुलिस को टैग करके एक्शन लेने की मांग की जा रही है। जहां वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि लड़की इस बात से अनजान है कि उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया जा रहा है जो निश्चित तौर पर बेहद शर्मनाक हरकत है। किसी भी लड़की के साथ इस तरह का व्यवहार कानून की नजर में अक्षम्य होता है और इस तरह खुलेआम ट्रेन में वीडियो बनाना एक घिनौनी कृत्य है।
Viral Video को देख लोगों ने यूपी पुलिस से कहीं ये बाt
वायरल वीडियो को x चैनल से शेयर करते हुए कैप्शन में कहा गया, “सर जी यूपी पुलिस या कोई नीतीश जाटव नाम की इंस्टाग्राम आईडी है यह ट्रेन में लड़कियों के वीडियो बनाकर उसे अश्लील गाने के साथ अपलोड करता है। इस पर कड़ी कार्रवाई हो प्लीज।” वीडियो में लड़कियों के साथ इस हरकत को देखकर लोग यूपी पुलिस से कार्रवाई की मांग करने लगे। व्यूज के लिए जिस तरह अश्लीलता और ट्रेन में युवतियों के साथ व्यवहार किया जा रहा है वह शर्मनाक है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे लड़कियां इस वीडियो बनाने से असहज नजर आ रही है।
इस वायरल वीडियो को @jpsin1 x पर 270000 से ज्यादा व्यूज मिले हैं और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग यूपी पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






