Viral Video: ट्रेन की भीड़ को देख अकसर लोग सिस्टम पर सवाल उठाते हैं। लेकिन कभी-कभी यात्रियों से भरी नियमों की धज्जियां उड़ाती ये भीड़ शर्मसार कर देती है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही शर्मनाक वीडियो सामने आया है। इसमें यात्री ट्रेन के दरवाजे से ना आकर खिड़की से आ रहे हैं। उनकी ये हरकत नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। इसके साथ ही वहां पर मौजूद अन्य लोग भी काफी परेशान हो रहे हैं। वो उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छोटी सी खिड़की में जिस तरह वो घुस रहे हैं, इससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। गनीमत रही कुछ हुआ नहीं।
ट्रेन की खिड़की पर यात्रियों ने की गंदी हरकत
ट्रेन के अंदर बेतुके रास्ते से घुसते यात्रियों के वायरल वीडियो को Believer नाम के एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में सवाल उठाते हुए लिखा है कि, ‘भारत में नागरिक बोध का तो जैसे कतई नामोनिशान ही नहीं है। आम यात्री स्लीपर क्लास के लिए आरक्षित सीटों पर कैसे बैठ सकते हैं?’
देखें वीडियो
Civic sense seems banned in India.
How can general passengers occupy seats meant for sleeper class? pic.twitter.com/r0sbU4C55Q— Believer (@PredatorVolk) April 16, 2026
ये घटना कब और कहां की है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन ये भीड़ काफी सवाल उठाने वाली है। क्योंकि ट्रेन की खिड़की के अंदर से घुसते इन लोगों के साथ कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग गेट होते हैं। लेकिन जल्दी घुटने की जल्दबाजी में इस भीड़ ने रेलवे के नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
Viral Video देख यूजर्स क्या बोल रहे?
ये घटना कब और कहां की है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे एक्स पर 16 अप्रैल को अपलोड किया गया है। वीडियो बनाने वाले की बातों से साफ लग रहा है कि, ये भारत के किसी हिस्से का वीडियो है। इस घटना पर 9 लाख 51 हजार से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। वहीं, तमाम सारे लोगों के कमेंट भी आ रहे हैं। एक यूजर लिखता है, ‘मुझे तो स्लीपर क्लास जनरल ही लगती है’। दूसरा लिखता है, ‘इन लोगों में बिल्कुल भी सिविक सेंस नहीं है’। तीसरा लिखता है, ‘जिनको परेशानी है वो वंदे भारत जा सकता है, हर बात पर कंप्लेंट करनी है इनकों..?’
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






