Viral Video: जहां एक तरह लोग इंसानियत भूलते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अभी भी कुछ लोग मानवता की मिसाल कायम कर रहे हैं। इस भागदौड़ भरी जिंदगी और मतलबी दुनिया के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आपकी आँखें भर आएंगी। इस वीडियो में एक युवक अपनी बेहद बुजुर्ग और कमजोर अम्मा को बड़े ही प्यार से नहलाते हुए नजर आ रहा है।
बूढ़ी महिला की सेवा करता युवक कैमरे में कैद
ये दिल छूने वाली घटना कब और कहां की है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे
Funny King नाम के एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में लिखा है, ‘दुनिया का सबसे ज्यादा खुशनसीब इंसान है भाई। ईश्वर भाई को लम्बी उम्र दें, जीवन में कभी कोई दुःख ना हो।
देखें वीडियो
दुनिया का सबसे ज्यादा खुशनसीब इंसान है भाई।
ईश्वर भाई को लम्बी उम्र दें, जीवन में कभी कोई दुःख ना हो।
दिल से प्रणाम है भाई को 🙏 pic.twitter.com/uBuX3IK3me— Funny King 👑 🪄 (@BharatDakshvans) May 8, 2026
दिल से प्रणाम है भाई को ।’वीडियो में दिख रहा है कि वह बुजुर्ग महिला खुद अपना हाथ तक हिलाने की स्थिति में नहीं हैं। लेकिन वह युवक बिना किसी झिझक या चिड़चिड़ेपन के, पूरी लगन से उनके शरीर को रगड़-रगड़कर साफ कर रहा है। उसके चेहरे पर कोई थकान नहीं, बल्कि एक सेवा का भाव है। वह उन्हें बिल्कुल वैसे ही नहला रहा है, जैसे एक माँ अपने छोटे बच्चे का ख्याल रखती है। युवक की इस सेवा से बूढ़ी महिला के चेहरे पर अलग सा सुकून दिख रहा है। जिसे देखकर लग रहा है कि, बुढ़ापे में समय और अपनेपन की जरूरत होती है। जिस तरह उन्होंने बचपन में हमें अपनी गोद में पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी तरह उनके अंतिम समय में उनका सहारा बनना हमारा सबसे बड़ा काम है।
Viral Video यूजर्स के दिल को छू रहा
बूढ़ी अम्मा की सेवा करते युवक के वायरल वीडियो को एक्स पर 8 मई को अपलोड किया गया था। इस पर 85000 से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, लोगों ने इसे कलयुग का श्रवण कुमार कहना शुरू कर दिया। यूजर्स का कहना है कि ‘जहाँ आज के समय में लोग अपने बूढ़े माता-पिता को बोझ समझकर वृद्धाश्रम छोड़ आते हैं, वहीं यह युवक सेवा करके दुनिया को दया और कर्तव्य का पाठ पढ़ा रहा है।’ इस वीडियो को देख लोग इसे धरती पर स्वर्ग कह रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






