H1N1: बुखार उतर नहीं रहा है और पेरासिटामोल का असर दिख नहीं रहा है। आखिर कब आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है कब आपको परेशान होने की जरूरत है क्योंकि H1N1 इन्फेक्शन के साथ-साथ डेंगू, टाइफाइड जैसे खतरे भी फैल रहे हैं। आईए जानते हैं बुखार को लेकर पैनिक होने की बजाय किन चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। हो सकता है कि आपका बुखार सिर्फ मौसम में बदलाव की वजह से हो। ऐसे में क्या H1N1 का टेस्ट करवाना जरूरी है। इस सब सवालों का जवाब देते हुए आखिर एक्सपर्ट ने क्या कहा आइए जानते हैं।
दवाई के साथ क्या करने से हो सकता है फायदा
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H1N1 पैनिक को लेकर बात करते हुए एक्सपर्ट ने कहा कि अगर आप पेरासिटामोल खा रहे हैं फिर भी आपका बुखार 102-103 से नीचे नहीं जा रहा है तो आप ठंडा पानी से पट्टी कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको कपकपी छूट रही है तो ज्यादा कंबल ओढ़ने की जरूरत नहीं है। अगर 3 बार पेरासिटामोल लेने के बाद भी बुखार नहीं उतरता तो कोल्ड स्पंजिंग मददगार हो सकता है।
बुखार ज्यादा है तो क्या करने से हो सकता है फायदा
एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि H1N1 को लेकर एक चीज जो मिस नहीं करना है वह यह है कि आप पेरासिटामोल के अलावा कोई और दवाई लेने के बारे में सोच रहे हैं। आपको सबसे पहले सीबीसी टेस्ट करवाना जरूरी है। इससे आपको पता चल जाएगा कि कहीं आपको डेंगू तो नहीं है। वहीं एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर बुखार के साथ जुखाम है, गला बंद है खांसी आ रही है तो ज्यादा चांस है कि आपको फ्लू है इसमें आपको ब्रूफेन टैबलेट ले सकते हैं। डॉक्टर के मुताबिक आप अगर 650 एमजी पेरासिटामोल ले चुके हैं तो आप एक टैबलेट ब्रूफेन की ले सकते हैं।
क्या सभी बुखार से पीड़ित मरीज को H1N1 का टेस्ट करवाना है जरूरी
इस बारे में बात करते हुए एक्सपर्ट ने बताया कि हर एक मरीज को टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। मरीज का 94 से ऑक्सीजन सैचुरेशन नीचे जा रहा है। उन्हें पहले से कोई बीमारी है जैसे अस्थमा, डायबिटीज, एलर्जी तो उनको टेस्ट करवाना जरूरी है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर 3 दिन से ज्यादा बुखार है, सांस फूल रहा है और ऑक्सीजन सैचुरेशन कम होने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर हाई है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







