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Reserve Bank of India: आरबीआई की सख्ती के बाद 9 NBFC और एक हाउसिंग कंपनी ने अपना लाइसेंस किया सरेंडर, जानें पूरी खबर

Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इन दिनों सख्त एक्शन के मूड में है। सबसे पहले पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया गया और फिर महाराष्ट्र के एक सहकारी बैंक के कामकाज पर रोक लगा दी गई। अब शनिवार को आरबीआई ने तीन एनबीएफसी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं। भारथु ...

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By: Anurag Tripathi

Published: फ़रवरी 11, 2024 7:42 अपराह्न

Reserve Bank of India
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Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इन दिनों सख्त एक्शन के मूड में है। सबसे पहले पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया गया और फिर महाराष्ट्र के एक सहकारी बैंक के कामकाज पर रोक लगा दी गई। अब शनिवार को आरबीआई ने तीन एनबीएफसी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं। भारथु इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस इंडिया, कॉक्स एंड किंग्स फाइनेंशियल सर्विसेज और पीएसपीआर एंटरप्राइजेज पर आरबीआई की सख्ती की मार पड़ी है।

इसके साथ ही 9 एनबीएफसी और हाउसिंग कंपनियों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। रिजर्व बैंक ने बताया है कि 9 एनबीएफसी और एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इनमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड भी शामिल है।

Reserve Bank of India: इन NBFC कंपनियों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं

रिजर्व बैंक ने बताया है कि 9 एनबीएफसी और एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इनमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड भी शामिल है। कंपनी ने हाउसिंग फाइनेंस इंस्टीट्यूशन बिजनेस से बाहर निकलने के बाद लाइसेंस लौटाने का फैसला किया है।

जिन नौ एनबीएफसी ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं, उनमें स्माइल माइक्रोफाइनेंस, जेएफसी इम्पेक्स, कावेरी ट्रेडफिन और गिन्नी ट्रेडफिन कारोबार से बाहर हो गए हैं।(Reserve Bank of India) इसके अलावा जेजी ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट, एसके फिनसर्व, माइक्रोफर्म कैपिटल, बोहरा एंड कंपनी और माहिको ग्रो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए। इन सभी कंपनियों ने अलग-अलग कारण बताए हैं।

Reserve Bank of India: एनबीएफसी की संख्या 200 से घटाकर 26 कर दी गई

Reserve Bank of India
फाइल फोटो प्रतिकात्मक

आरबीआई के मुताबिक इन एनबीएफसी में नियमों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। केंद्रीय बैंक ने कहा कि एनबीएफसी का गठन कुछ आर्थिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जाता है। उनके लिए बैंकों जैसा बनने की मांग करना अप्राकृतिक है। आरबीआई अधिक संख्या में एनबीएफसी को जमा स्वीकार करने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं है।(Reserve Bank of India) यही कारण है कि एक भी नया लाइसेंस नहीं दिया गया। साथ ही, जमा स्वीकार करने वाली एनबीएफसी की संख्या 200 से घटकर केवल 26 रह गई है।

Reserve Bank of India: वित्तीय क्षेत्र में नियामक बदलाव आ रहे हैं

आरबीआई के इन फैसलों से साफ पता चलता है कि वित्तीय क्षेत्र में नियामकीय बदलाव आ रहे हैं। आरबीआई इस खामी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। (Reserve Bank of India) यही वजह है कि कई कंपनियों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं।

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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