CM Yogi Adityanath: हर साल 3 मई को ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ मनाया जाता है। इसका दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में प्रेस यानी मीडिया की आजादी के महत्व को समझाना और उन पत्रकारों को सम्मान देना है, जो सच सामने लाने के लिए जोखिम उठाते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस खास अवसर पर पत्रकारों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस संबंध में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर और यूपी सीएम ने एक्स यानी ट्विटर पर पोस्ट कर पत्रकारों की प्रशंसा की।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्रकार बंधुओं को दी बधाई
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ की सभी सम्मानित पत्रकार साथियों को हार्दिक बधाई। आप सभी की निष्पक्षता, निर्भीकता और स्वतंत्रता सदैव लोकतंत्र को सशक्त व समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है। पूर्ण निष्ठा के साथ आप अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करते रहें, ढेरों शुभकामनाएं।’
‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ की सभी सम्मानित पत्रकार साथियों को हार्दिक बधाई।
आप सभी की निष्पक्षता, निर्भीकता और स्वतंत्रता सदैव लोकतंत्र को सशक्त व समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है। पूर्ण निष्ठा के साथ आप अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करते रहें, ढेरों शुभकामनाएं। pic.twitter.com/yhlRSQmalC
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 3, 2026
वहीं, बीते दिन लखनऊ में सीएम योगी ने श्रमवीर गौरव समारोह-2026 के शुभारंभ एवं श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के लिए आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा, हम आभारी हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के, जिन्होंने श्रमिकों के श्रम को सम्मान देकर देश को ‘श्रमेव जयते’ के उद्घोष के साथ जोड़ने का काम किया।’
सीएम योगी आदित्यनाथ ने की श्रमिकों के लिए कई सुविधाओं की शुरुआत
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘आज हम लोगों ने जेवर में भी एक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी है, जिसमें श्रमिकों के ही बच्चे पढ़ेंगे। हर वर्ष हम 700 करोड़ रुपये से 1000 करोड़ रुपये अपने श्रमिक बहनों-भाइयों और बटाईदारों को उपलब्ध करवाते हैं, जो आकाशीय बिजली या किसी आपदा के कारण दुर्घटना का शिकार होते हैं।’
सीएम ने कहा, ‘कोरोना कालखंड में विपक्षी नेता रजाई तानकर अपने-अपने घरों में छुप गए थे, तब केवल और केवल डबल इंजन सरकार थी। हम लोगों ने प्रदेश के अंदर 18 कमिश्नरी में एक-एक अटल आवासीय विद्यालय बनाए हैं। श्रमिकों को डॉरमेट्री, सस्ती कैंटीन, क्वालिटी भोजन, मनोरंजन की सुविधा, साफ-सुथरे शौचालय, स्नानघर और सीसीटीवी सुरक्षा की सुविधा मिले, ये सभी चीज हम लोग करने जा रहे हैं।’






