NEET UG 2026 Paper Leak: लगभग 22 लाख छात्र, जी हां, नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले ने इतने उम्मीदवारों के सपने को एक झटके में तोड़ दिया है। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सीबीआई यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपा। ऐसे में जांच एजेंसी हर दिन इस मामले की नई-नई परत खोल रही है। ‘The Indian Express’ की रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई को इस इस पेपर लीक मामले में पहली गड़बड़ी राजस्थान के कोचिंग हब सीकर में मिली। जहां पर एक शिक्षक ने कुछ संदिग्ध दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने का फैसला किया, जिसके बाद कई चौंकाने वाले परिणाम सामने आए।
पुणे से हुई नीट यूजी 2026 पेपर लीक की शुरुआत?
रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी सीबीआई नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में हर कड़ी को जोड़ने का काम कर रही है। ताकि इस मामले में सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके। बताया जा रहा है पेपर लीक की शुरुआत पुणे से हुई, जहां पर 46 वर्षीय मनीषा वाघमारे पुणे के सुखसागर नगर में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। वह छात्रों और टीचर्स के बीच लिंक का काम करती थीं। उन्होंने 4-5 छात्रों की व्यवस्था की और अपने दोस्त धनंजय निवृत्ति लोखंडे को योजना की जानकारी दी। ऐसे में क्या पेपर लीक की शुरुआत पुणे से हुई और इस एग्जाम घोटाले का एपिसेंटर महाराष्ट्र ही है? यह अभी भी सवाल बने हुए हैं।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई को अब तक क्या मिला?
उधर, जांच एजेंसी सीबीआई ने अब तक अपनी छानबीन में कई बड़े खुलासे किए हैं। केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि नीट पेपर लीक कोई छोटा मामला नहीं था। इसमें टीचर्स, कोचिंग सेंटर चलाने वाले लोग, मेडिकल छात्र और बिचौलियों का पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। ऐसे में सीबीआई को इस बात का पूरा संदेह है कि यह सिर्फ एक एग्जाम घोटाला नहीं है, बल्कि कई सारे लोगों के साथ देश के अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ एक व्यापक नेटवर्क है।
मालूम हो कि बीते दिन सीबीआई टीम ने महाराष्ट्र के नांदेड़ और लातूर में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी का भी सामने आया है। जांच एजेंसी उन्हें इस पूरे मामले का प्रमुख दोषी मान रही है। जांच एजेंसी ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की तफ्तीश जारी है। बता दें कि नीट यूजी 2026 का पेपर 21 जून 2026 को दोबारा होगा।






