Health Tips: अगर रात में बिस्तर पर लेटते ही आपके पैरों में भी भयंकर दर्द होता या फिर बेचैनी होती है तो, ये खबर सिर्फ आपके लिए है। क्योंकि इसके पीछे का कारण ,बचाव और इलाज देश की जानी-मानी न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सेहरावत बता रही हैं। उनका कहना है कि, ये बीमारी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम होती है। ये एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसमें आराम करते या सोते समय पैरों को लगातार हिलाने की तेज और अनियंत्रित इच्छा होती है। पैरों में अजीब सनसनी, झनझून या रेंगने जैसा महसूस होता है। इसके पीछे कई सारे कारण हैं।
Health Tips: पैरों के दर्द की समस्या का कारण
एम्स की डॉक्टर प्रियंका सेहरावत का कहना है कि, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम का प्रमुख कारण दिमाग में पोषक तत्वों और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी है। उनका कहना है कि, जब दिमाग में आयरन का स्तर गिरता है तो डोपामाइन भी घटने लगता है। जिसकी वजह से पैरों में दर्द और अन्य सम्याएं होने लगती हैं। इस बीमारी का पता लगाने के लिए इसलिए केवल सामान्य ब्लड टेस्ट नहीं, बल्कि इसके सटीक कारण का पता लगाने के लिए सीरम फेरिटिन टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही जब शरीर में पानी कमी होती है तो इस तरह की समस्या होने लगती है।
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शरीर में पानी की कमी होने से नसों और मांसपेशियों की कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है। जब मांसपेशियां पूरी तरह हाइड्रेटेड नहीं होती हैं, तो आराम करते समय पैरों में गंभीर असहजता और बेचैनी ट्रिगर हो जाती है। इसके साथ ही पोटेशियम की कमी भी पैरों में रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या पैदा करती है।
रेस्टलेस लेग सिंड्रोम को कैसे करें ठीक?
रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या को दूर करने के लिए पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर खुद को पूरी तरह हाइड्रेटेड रखें। इस दौरान से 4 लीटर पानी पी सकते हैं। इसके साथ ही डाइट में नारियल पानी और केले की मात्रा ले सकते हैं। इसके साथ ही पूरी नींद लेनी है। आयरन से भरे हुए पदार्थ ही खाने हैं। वहीं, अगर इससे भी पैरों की समस्या ठीक नहीं हो रही है तो हेल्थ एक्सपर्ट से जानकारी ले सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







