Mumbai Watermelon Case: गर्मी में पानी की कमी को दूर करने वाले फल के नाम में तरबूज को सबसे ऊपर रखा जाता है जिसका सेवन लोग खूब करते हैं। इस सबके बीच बीते दिन मुंबई वाटरमेलन केस ने लोगों को हैरान कर दिया जहां के 4 सदस्य की दर्दनाक मौत ने हर किसी को निःशब्द कर दिया है। हालांकि इस सब के बीच बीते दिन रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि तरबूज में चूहे मारने के जहर का इस्तेमाल किया गया था। क्या आप भी इस मामले के बाद तरबूज खाने से डर रहे हैं। इस बारे में सच्चाई बताते हुए डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने वीडियो जारी किया और लोगों को बड़ी जानकारी दी है।
Mumbai Watermelon Case की क्या है सच्चाई
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डॉ प्रियंका कहती है कि मुंबई वाटरमेलन केस की बात करें तो वहां परिवार ने जिस तरबूज का सेवन किया था उसमें चूहे मारने की दवा का इस्तेमाल किया गया था। डॉक्टर के मुताबिक उसमें हर पीस के ऊपर जिंक फास्फाइड पाया गया। फोरेंसिक रिपोर्ट में बताया गया कि चूहे मारने वाले जहर में इस्तेमाल होने वाले जिंक फास्फाइड लगाया गया था और इसके बाद उसका सेवन किया गया था। डॉक्टर यह भी बताती है कि शरीर के अंग और तरबूज में जिंक फास्फाइड की क्वांटिटी मिली है।
क्या वाकई तरबूज खाना है रिस्की
ऐसे में डॉक्टर कहते हैं कि बनी बनाई बातें बहुत जल्दी फैलती है लेकिन जो सच है वह लोगों तक पहुंच नहीं पाता है। तरबूज के बारे में बात करते हुए डॉक्टर कहते हैं कि यह पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स होता है जिसमें खूब पानी की मात्रा होती है और यह एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज से भरपूर होता है। हाइड्रेटिंग फूड्स की बात करें तो यह टॉप पर है। ऐसे में एक्सपर्ट ने तरबूज को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है।
तरबूज खाने से क्या होते हैं फायदे
इस सबसे हटके अगर तरबूज की बात करें तो यह गर्मियों में काफी ज्यादा पसंद किया जाता है जो पाचन से लेकर शरीर को हाइड्रेटेड रखने, हार्ट हेल्थ, स्किन और बालों के लिए फायदेमंद बताया गया है। इसके साथ ही वेट लॉस में भी सहायक कहा गया है।
बात करें मुंबई वाटरमेलन केस की तो पायधुनी इलाके में रहने वाले अब्दुल्ला डोकाडिया (44) के साथ पत्नी नसरीन (35) और उनकी बेटियां आयशा (16) और जैनब (13) की 26 अप्रैल को मौत की खबर से हड़कंप मच गया था जहां कहा गया था कि फैमिली ने पहले अपने घर आए मेहमान के साथ बिरयानी का लुत्फ उठाया और उसके बाद तरबूज का सेवन किया।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






